बीजेडी में सुजाता राउत कार्तिकेयन राज
नाम नवीन का, असल नेतृत्व सुजाता का
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर
क्रांति ओडिशा मीडिया
विश्व भर की राजनीति में दो विलक्षण चीजें देखी और पायी जाती हैं। राजनीति में जो दिखता है,वह होता नहीं है और जो होता है,वह दिखाई नहीं देता। ठीक इसी तर्ज पर ओडिशा में विपक्ष की राजनीति में बड़ा उलटफेर दिखाई देरहा है।
दरअसल ओडिशा की राजनीति को पिछले 10 साल से पांडियान चला रहे थे ,घूमा रहे थे नवीन के आशीर्वाद से पर्दे के पीछे से नवीन के शासन काल में। लेकिन विगत दो साल पहले जब से भाजपा सरकार में आयी है,पिछला विधानसभा चुनाव जीत कर ,तब से नेपथ्य में चले गए हैं।पर्दे के पीछे आजकल सक्रिय हैं, लेकिन पर्दे के सामने निष्क्रिय हैं।कहने को पांडियान ने करीब साढ़े तीन 4 साल पहले आइएएस अधिकारी पद से इस्तीफा दिया, राजनीति में शामिल हुए,बीजेडी जोएन की।
लेकिन बीजेडी -नवीन सरकार के जाते ही पांडियान नेपथ्य में चले गए, राजनीति से सन्यास ले लिया। लेकिन नवीन निवास में जाना आना जारी रहा, नवीन निवास में पर्दे के पीछे राजनीति जारी रही। लेकिन इतने से काम नहीं चला। ओडिशा के सत्ता गलियारे से बाहर हो गये। सत्ता हाथ से चली गयी, बिना सत्ता के उनको , उनके साथियों को रास नहीं आ रहा है।
अब चूंकि पांडियान के पीछे तामिलनाडु का टेग लगा है, बहुत कुछ होते हुए भी, पांडियान चाहकर भी वापस राजनीति में आकर सक्रिय नहीं हो सकते,उल्टा नुकसान झेलने की संभावना ज्यादा दिखाई दे रही है।
इन हालातों के मद्देनजर पांडियान की पत्नी सुजाता राउत कार्तिकेयन को चंद महीने पहले आइएएस अधिकारी की नौकरी से इस्तीफा दिलाया गया, तत्पश्चात समय देखकर चार रोज पहले राजनीति में लाया गया,बीजेडी में शामिल कराया गया।
चूंकि सुजाता राउत कार्तिकेयन बन गयी हैं पांडियान से शादी पश्चात,अतएव अब कार्तिकेयन टाइटल को हटाया गया ,केवल मूल नाम सुजाता राउत रखा गया। ओडिशा के लोगों से वोट हासिल करने के लिए भविष्य में।
सुजाता के जोइनिंग समारोह में चुनिंदा बीजेडी नेताओं को शंख भवन बीजेडी मुख्यालय में बुलाया गया। वहां सुजाता का जोइनिंग समारोह बड़ी शान शौकत से हुआ। कुछ बुलाये पहुंचे, कुछ बिना बुलाए बड़े नेता पहुंचे। सुजाता ने नवीन के पांव छूकर आशीर्वाद लिया। नवीन ने उनके गले में बीजेडी का पटका पहनाया।बीजेडी जोइनिंग की फोर्मलिटि पूरी हुई।
दूसरे दिन बीजेडी के पुराने हेविवेट नेता बोबी दास शिष्टाचार के नाते मुलाकात किये सुजाता से । विधानसभा में उपविपक्षी नेता आचार्य महोदय और पूर्व मंत्री भूपिंदर सिंह की सुजाता जोइनिंग समारोह में अनुपस्थिती रही।
आज कटक मेयर सुभाष सिंह के नेतृत्व में कटक में बचे-खुचे बीजेडी कोर्पोरेटरों ने भुवनेश्वर जाकर नयी नेत्री को सलाम बजा आये। उल्लेखनीय है कि कटक में बीजेडी के तमाम बड़े नेताओं ने बीजेडी को त्याग दिया है। सुभाष सिंह बीजेडी में सिपिएम से आयातित नेता हैं।
अब देखना है कि आगामी साल म्युनिसिपल चुनाव, पंचायत चुनाव में बीजेडी क्या कमाल दिखायेगी सुजाता के राज्य नेतृत्व में और सुभाष सिंह के कटक नेतृत्व में।उसी के अनुरूप ओडिशा की राजनीति आनेवाले वर्षों के लिए तय होगी विपक्षी दृष्टिकोण से।


