नई दिल्ली, राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन के संस्थापक अध्यक्ष सोहन गिरि ने मणिपुर में जारी हिंसा और अस्थिरता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारत सरकार से तत्काल ठोस एवं निर्णायक कदम उठाने की मांग की है।
संगठन ने माननीय राष्ट्रपति ड्रॉपदी मुर्मू , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एवं गृहमंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा है कि मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय हिंसा, अविश्वास और असुरक्षा ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
प्रेस वक्तव्य में बताया गया कि अब तक हजारों लोग हिंसा से प्रभावित हो चुके हैं तथा 60,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित होकर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है।
सोहन गिरि ने कहा कि राज्य में लगातार हो रहे हमले, राष्ट्रीय राजमार्गों का बंद रहना और उग्रवादी तत्वों की सक्रियता यह दर्शाती है कि स्थिति एक गंभीर आंतरिक संकट का रूप ले चुकी है।
संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि वह शुरुआत से ही प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय को लगातार सुझाव देता रहा है, जिनमें से कुछ सुझावों को सरकार द्वारा आंशिक रूप से स्वीकार कर लागू भी किया गया है।
संगठन की प्रमुख मांगें:
* मणिपुर की स्थिति की समग्र एवं पारदर्शी जांच कराई जाए
* सभी समुदायों के बीच संवाद और विश्वास बहाली हेतु राष्ट्रीय शांति समिति बनाई जाए
* आतंकी एवं उग्रवादी तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए
* सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित रूप से तुरंत खोला जाए
* विस्थापित लोगों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज लागू किया जाए
* संभावित विदेशी हस्तक्षेप की जांच कर कड़े कदम उठाए जाएं
* सेना और नागरिकों के बीच विश्वास बनाए रखने हेतु संतुलित रणनीति अपनाई जाए
सोहन गिरि ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इस गंभीर स्थिति का समाधान निकालने में सक्षम है और मणिपुर में शीघ्र ही शांति एवं स्थिरता स्थापित होगी।

