कटक, आज पुण्य भूमि, धार्मिक स्थल सनसाईन फिल्ड में प्रथम दिवस पर पूज्य श्री इंद्रेश जी महाराज ने प्रवचन में बोला कि स्नान पूर्णिमा महाप्रभु जगन्नाथ जी का जन्म दिवस है।उसी दिन भगवान भारत की पावन धरती यानि धरा पर आये थे।

आज कथा में एक और महत्वपूर्ण जानकारी पूज्य श्री इंद्रेश जी महाराज ने दी कि कथा स्थल पर विराजमान चतुर्धा मूर्तियों का हर रोज नया नया श्रृंगार किया जायेगा।आज प्रथम दिवस पर 8 हजार भक्तों का जमावड़ा देखने को मिला।कल दूसरे दिन रविवार होने के कारण जमावड़ा 10 हजार पार जाने की संभावना दिखाई देरही है।

श्रीक्षेत्र 120 किलोमीटर एरिया में फैला है। पुरी से कटक 90 किलोमीटर है। इंद्रेश जी महाराज बोले कि वृंदावन के ठाकुरजी ने भारत के दो राज्यों पर विशेष कृपा की है। इनमें एक राज्य है राजस्थान। यहां गोविंद जी तथा श्रीनाथजी विराजमान हैं।
दूसरा राज्य है ओडिशा। यहां पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ जी विराजमान हैं। इनके अलावा यहां साक्षी गोपाल तथा खीरचोरा गोपीनाथ विराजमान हैं , बालेश्वर के रेमुणा में।
आज कथा स्थल पर सभी भक्तों ने गीत गोविंद मंगल गीत बड़े प्रेम से गाया।मंच पर चतुर्धा मूर्तियां विराजमान के साथ साथ शोभायमान हो रही थी।श्री हरिदास ठाकुर श्रीक्षेत्र में बड़ी ऊंची आवाज में रोज भजन किया करते थे।वे बोलते थे कि भक्तों के कानों में भगवत नाम पहुंचना चाहिए।भगवत नाम ही भक्तों का उद्धार करेगा ,जगहिताय ,सर्व कल्याण हेतु भजन ,नाम जप बहुत जरूरी है।
आज की कथा का दूसरा हिस्सा कल सुबह दिया जायेगा।

