क्या सुजाता राउत पांडियान बीजेडी कमान संभालने वाली हैं ?
क्या नवीन सेल्फ रिटायरमेंट प्लान में हैं?
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर
क्रांति ओडिशा मीडिया
आजकल ओडिशा की मीडिया में एक बड़ी चर्चा जोर शोर से चल रही है कि क्या सुजाता राउत पांडियान बीजेडी की कमान संभालने वाली हैं? और क्या नवीन पटनायक राजनीति से सेल्फ रिटायरमेंट प्लान में हैं?
अभी हाल ही में नवीन पटनायक दिल्ली प्रवास से लौटे हैं। नवीन दिल्ली गये थे 6 दिन के प्रवास पर।उनके लौटने पर बीजेडी नेताओं ने उनका हवाईअड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया,हर बार की तरह।
लेकिन इस बार नवीन के दिल्ली से लौटते ही एक चर्चा स्थानीय मीडिया में जोर-शोर से चल पड़ी कि मेडम सुजाता राउत पांडियान बीजेडी जोएन करने वाली हैं और बीजेडी की कमान संभालने वाली हैं।
बीजेडी में सुजाता राउत पांडियान आने वाली हैं,ऐसी सूचना सर्व प्रथम मीडिया में दिये हैं बीजेडी के नेता मन्मथ राउतराय। मन्मथ राउतराय पिछले लोकसभा चुनाव में भुवनेश्वर से बीजेडी उम्मीदवार के रुप में लडे थे। मन्मथ राउतराय जटनी के पूर्व विधायक तथा पूर्व मंत्री सुरो राउतराय के बेटे हैं।
अब मैं सुजाता राउत के बारे में जानकारी दे रहा हूं। सुजाता राउत का जन्म केन्द्रापड़ा जिले में हुआ था। सुजाता राउत 2000 बेच की आईएएस अधिकारी हैं। सुजाता राउत दरअसल में सुजाता राउत कार्तिकेयन हैं। चूंकि सुजाता राउत की शादी प्रभावशाली आइएएस अधिकारी पांडियान से हुई है,अत:लोग उन्हें सुजाता राउत पांडियान के नाम से ज्यादा जानते हैं।

पांडियन तामिलनाडु के वाशिंदे हैं और तामिलनाडु में नाम के साथ साथ कुछ कुछ अंक गणित ज्योतिष के अनुसार लिखना होता है, शुभ माना जाता है,अतः संभव है कि उसी तर्ज पर मेडम सुजाता राउत ने सुजाता राउत कार्तिकेयन नाम रख लिया है।
यह तो सर्वविदित है कि पूर्व आईएएस अधिकारी पांडियान ही पिछली नवीन सरकार को सामने से चला रहे थे, नवीन पटनायक का आशीर्वाद उन पर बराबर था। पांडियन नवीन पटनायक के अत्यंत विश्वसनीय थे ,आज भी हैं।
नवीन पटनायक के सत्ता में रहते हुए ही आइएएस अधिकारी पांडियान ने सरकारी अधिकारी पद से इस्तीफा दिया और इस्तीफा तुरंत मंजूर हुआ। तत्पश्चात पांडियान ढाई साल पहले बीजेडी जोएन किये।
बीजेडी दो साल पहले साधारण चुनाव में सत्ता से बेदखल हुईं। बीजेडी सत्ता से जाते ही बीजेडी के कुछ नेताओं ने इसका दोष पांडियान पर दिया।आये दिन पांडियान विरोधी बयान मीडिया की सुर्खियां बने। फलस्वरूप पांडियान ने बीजेडी से इस्तीफा दे दिया।
दरअसल 2024 ओडिशा विधानसभा चुनाव होने के पहले तक सुजाता राउत कार्तिकेयन भुवनेश्वर सचिवालय में मिशन शक्ति के उच्च पद पर आसीन थीं।उस पद पर रहकर सुजाता महिला सशक्तीकरण की अनेक योजनाएं बनाई।उन महिला सशक्तिकरण योजनाओं से नवीन पटनायक सरकार की महिलाओं के बीच प्रगतिशील नेता की छवि उभरी।
समय समय पर नवीन पटनायक को उससे बहुत ज्यादा राजनीतिक माइलेज मिला। लेकिन पांडियान चूंकि तामिलनाडु से हैं और नवीन पिछे रहकर सारे सरकारी कार्यक्रमों में पांडियान को आगे किये थे, अतः विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इसे ओडिआ प्राइड के नाम से बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया।
ओडिशा के लोगों के दिलों तक यह बात पहुंच गई। नवीन की पिछले चुनाव में निष्क्रियता और पांडियान की चुनाव में सक्रियता से ओड़िआ अस्मिता, स्वाभिमान को बल मिला और भाजपा शासन में आयी । नवीन की बीजेडी सत्ता से बाहर हुई।
बीजेडी सत्ता से बाहर होते ही पांडियान ने राजनीति से सन्यास लिया। तत्पश्चात कुछ महीने पश्चात उनकी पत्नी सुजाता ने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दिया। पैसे की तो कोई कमी है नहीं इन्हें।
अब चूंकि नवीन की उम्र हो चुकी है। नवीन 75 साल के हो चुके हैं। उनका स्वास्थ्य भी पहले जैसा नहीं रहा बढ़ती उम्र के कारण। पांडियन ने राजनीति से संन्यास ले लिया है। इसलिए नवीन की विश्वसनीय सुजाता राउत पांडियान बीजेडी जोएन करेंगी, बीजेडी की कमान संभालेंगी , नवीन सेल्फ रिटायरमेंट लेंगे धीरे-धीरे,ऐसी चर्चा ओडिशा राजनीति हल्कों में, मीडिया में बराबर आजकल हो रही है।
आनेवाले दिनों में बीजेडी राजनीति के अंदरूनी सारे पर्दे हटने वाले हैं,बीजेडी की अंदरूनी सच्चाई सामने आनेवाली है ।एक बात तो तय है कि जिस दिन सुजाता राउत पांडियान की बीजेडी में एंट्री की घोषणा होगी , उसके तुरंत बाद बीजेडी में कुछ कुछ कुछ कुछ हो सकता है, तत्पश्चात बीजेडी में सब कुछ सेटल होने की उम्मीद है।


