अन्नदाता से ऊर्जादाता तक”–मोदी युग में कृषि और किसानों का समग्र विकास- शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राज्य सभा में सांसदों के सवालों के जवाबों में साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि किसान, गांव और गरीब के सर्वांगीण विकास के लिए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, जीवनदाता है– भगवान तो नहीं, पर भगवान से कम भी नहीं – और इसी सोच के साथ AIF से लेकर MSP, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, पीएम-कुसुम, पराली प्रबंधन और फसल विविधीकरण जैसी नीतियाँ जमीन पर बदलाव ला रही हैं।

किसान जीवनदाताकांग्रेस की 50 साल की उपेक्षा बनाम मोदी सरकार का फोकस

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सत्ता के स्वर्ण सिंहासन पर आरूढ़ होकर सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पुनर्निर्माण, किसानों के कल्याण, दरिद्र नारायण की सेवा और आत्मनिर्भर–विकसित भारत के निर्माण के लिए राजनीति करते हैं। उन्होंने किसान को जीवनदाता बताते हुए कहा कि वह भगवान से कम नहीं है, लेकिन 50 साल तक कांग्रेस की सरकारों ने उसकी मूल समस्याओं की ओर गंभीर ध्यान नहीं दिया, फल–सब्जियाँ और अनाज पैदा होते रहे पर उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं बनी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की इन समस्याओं को पहचाना और यही अंतर आज गांव–गांव दिख रहा है।

AIF से कोल्ड स्टोरेजवेयरहाउस और मशीनों का नेटवर्कनुकसान में 15% तक कमी

कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के तहत ₹1 लाख करोड़ से अधिक की संरचनाएँ बनाने का ऐतिहासिक फैसला किया, ताकि किसानों के उत्पाद को सुरक्षित रखा जा सके। इस योजना के अंतर्गत 44,243 कस्टम हायरिंग सेंटर, 25,854 प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर, 25,565 फार्म हार्वेस्ट ऑटोमेशन यूनिट, 17,779 वेयरहाउस, 4,201 सॉर्टिंग और ग्रेडिंग यूनिट, स्मार्ट और प्रिसीजन एग्रीकल्चर के लिए 3,549 इंफ्रास्ट्रक्चर और 2,827 कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जा चुके हैं। इन आधुनिक संरचनाओं के कारण फसल, फल और सब्जियों के नुकसान में 5% से 15% तक कमी आई है और किसान अब अपना उत्पाद सुरक्षित रखकर बेहतर दाम हासिल कर पा रहे हैं।

पंजाब से तमिलनाडु तक: भेदभाव नहींविकास की गारंटी

श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि हम सब भारत माँ के लाल हैं, भेदभाव का सवाल ही नहीं उठता और पंजाब की महान जनता को प्रणाम करते हुए आश्वस्त किया कि मोदी सरकार पंजाब की प्रगति और विकास में कोई कोर–कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने बताया कि पंजाब में AIF के तहत 32,014 आवेदन आए और प्रारंभिक लक्ष्य ₹7,425.98 करोड़ के मुकाबले ₹11,351.54 करोड़ की परियोजनाएँ स्वीकृत की गईं, जिनसे बेहतर स्टोरेज, प्रोसेसिंग और मशीनीकरण से 5% से 15% तक नुकसान में कमी आई और एक–एक परियोजना से 4 से 9 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला, जिससे लाखों रोजगार पैदा हुए।

तमिलनाडु के संदर्भ में उन्होंने कहा कि ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ समान रूप से पूरे देश में लागू है, अच्छे बीज, क्लस्टर आधारित उत्पादन, डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट, प्रति हेक्टेयर ₹10,000 तक सहायता, खरीदी और दाल मिलों के लिए सहायता जैसे हर घटक तमिलनाडु में भी मिलेगा और राज्य सरकार के साथ मिलकर दाल उत्पादन बढ़ाने को लेकर केंद्र प्रतिबद्ध है।

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