यूआईडीएआई ने मई में 211 करोड़ से अधिक आधार प्रमाणीकरण लेनदेन दर्ज किए, जिससे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और कल्याण सेवाओं को बल मिला

आधार धारकों ने मई 2025 में 211 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन किए। इससे ऐसे लेनदेन की संचयी संख्या स्थापना के बाद से 15 हज़ार 223 करोड़ से अधिक हो गई।

मई 2025 के प्रमाणीकरण लेनदेन पिछले महीने की तुलना में अधिक हैं। मई 2024 में 201 दशमलव 76 करोड़ ऐसे लेनदेन किए गए थे।

यह बढ़ती संख्या दर्शाती है कि कैसे आधार आधारित प्रमाणीकरण प्रभावी कल्याण वितरण में एक सुविधाजनक भूमिका निभा रहा है और सेवा प्रदाताओं द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं का स्वेच्छा से लाभ उठा रहा है। यह लाखों लोगों के लिए जीवन को आसान बनाने का उत्प्रेरक है।

प्रमाणीकरण की बढ़ती संख्या आधार के व्यापक उपयोग और उपयोगिता तथा देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को दर्शाती है।

यूआईडीएआई के एआई/एमएल आधारित आधार फेस प्रमाणीकरण समाधानों में भी लगातार वृद्धि देखी गई। मई में 15 दशमलव 49 करोड़ फेस प्रमाणीकरण लेनदेन दर्ज किए गए, जो इस प्रमाणीकरण पद्धति को अपनाने और आधार संख्या धारकों को इससे होने वाले लाभ को दर्शाता है।

सरकारी मंत्रालयों और विभागों, वित्तीय संस्थानों, तेल विपणन कंपनियों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं सहित 100 से अधिक संस्थाएँ लाभ और सेवाओं के सुचारू वितरण के लिए फेस प्रमाणीकरण का उपयोग कर रही हैं।

इसी तरह मई में 37 करोड़ से अधिक ई-केवाईसी लेनदेन किए गए। आधार ई-केवाईसी सेवा बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवाओं सहित क्षेत्रों में ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने और व्यापार करने में आसानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *