जलीय जीव रोगों पर नियंत्रण

मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार ने जलीय जीव रोगों की शीघ्र पहचान, रिपोर्टिंग और नियंत्रण के लिए एक सुदृढ़ संरचना (फ्रेमवर्क) स्थापित की  है। प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के केंद्रीय क्षेत्र घटक के तहत, मत्स्यपालन विभाग आईसीएआर-नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोरसेस, लखनऊ के माध्यम से नेशनल सरवेल्लेन्स प्रोग्राम फॉर एक्वाटिक एनिमल डिसीसेज़  (एनएसपीएएडी) को 33.78 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ कार्यान्वित कर रहा है। एनएसपीएएडी में देश के सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सिस्टमैटिक सरवेलेन्स  शामिल है ताकि रोग के जोखिम की पहचान की जा सके, डिसीस मैनेजमेंट में सुधार किया जा सके और स्वस्थ एक्वाटिक इकोसिस्टम को बढ़ावा दिया जा सके। यह एक अखिल भारतीय कार्यक्रम है, जिसे 54 सहभागी संस्थानों के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसमें आईसीएआर फिशरीज रिसर्च इंस्टिट्यूट शामिल हैं , अर्थात् आईसीएआर-सेन्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ फिशरीस एजुकेशन मुंबई; आईसीएआर-सेन्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ ब्रेकिशवाटर एक्वाकल्चर चेन्नई, ; आईसीएआर- सेन्ट्रल इनलैंड फिशरीस रिसर्च इंस्टिट्यूट बैरकपुर; आईसीएआर-सेन्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ फ्रेशवाटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर; आईसीएआरसेन्ट्रल मरीन फिशरीस रिसर्च इंस्टिट्यूट कोच्चि; आईसीएआर-डायरेक्टरेट ऑफ कोल्डवाटर फिशरीस रिसर्च, भीमताल; आईसीएआर-सेन्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ फिशरीज टेक्नोलॉजी कोच्चिन; मात्स्यिकी महाविद्यालय/विश्वविद्यालय और राज्य सरकारें। यह कार्यक्रम

जागरूकता पैदा करके, परामर्श जारी करके और क्षमता निर्माण अभियान चलाकर मत्स्य किसानों को सहायता प्रदान करता है। जलीय जीव रोगों के लिए नेशनल सरवेल्लेन्स  प्रोग्राम (एनएसपीएएडी) के तहत, मत्स्यपालन विभाग ने “रिपोर्ट फिश डिसीस” के नाम से एक एंड्रॉइड-आधारित मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। यह ऐप मत्स्य किसानों, क्षेत्र-स्तर के अधिकारियों और फिश हेल्थ एक्सपर्ट  को सहजता से जोड़ने और एकीकृत करने के लिए एक केंद्रीय मंच प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, मत्स्यपालन विभाग भारत सरकार  के अंतर्गत तटीय जलकृषि प्राधिकरण (सीएए) कृषि प्रबंधन दिशानिर्देशों के माध्यम से जैव सुरक्षा और रोग निवारण को बढ़ावा देता है।

देश भर में जलीय जीवों के  स्वास्थ्य और रोग प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए, प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत मत्स्यपालन विभाग ने 19 रोग निदान केंद्र (डिसीस डायग्नोस्टिक सेंटर) और क्वालिटी टैस्टिंग लैब्स, 31 मोबाइल सेन्टर्स और टैस्टिंग लैब्स और 6 एक्वेटिक रेफरल लैब्स का एक नेटवर्क विकसित किया है। इसके अतिरिक्त, मत्स्यपालन विभाग, भारत सरकार द्वारा  भारत में एक्वेटिक एनिमल हेल्थ में सुधार के लिए आर्गेनइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ (ड्ब्लूओएएच), पेरिस, फ्रांस और एक्वाकल्चर सेंटर्स इन एशिया पेसिफिक    (एनएसीए), बैंकॉक, थाईलैंड में जलकृषि केंद्रों के नेटवर्क के साथ सक्रिय रूप से काम किया जा रहा है।    

यह जानकारी मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री, श्री जॉर्ज कुरियन ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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