नई दिल्ली: गोवा में गौतम खट्टर से संबंधित प्रकरण को लेकर राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन के संस्थापक अध्यक्ष सोहन गिरी ने PMOPG/E/2026/0070754 राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को पत्र लिखा ओर गंभीर प्रश्न उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सोहन गिरी ने कहा कि यदि किसी आरोपी के स्थान पर उसके परिजन माधव खट्टर को हिरासत में लिया गया है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। भारतीय कानून के अनुसार दायित्व व्यक्तिगत होता है, ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि संबंधित अधिकारियों को ऐसा करने की शक्ति किस कानून के तहत प्राप्त हुई। यदि यह कार्रवाई विधि-विरुद्ध पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई, जिसमें निलंबन भी शामिल हो, सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर समानता और निष्पक्षता अत्यंत आवश्यक है। हाल ही में मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहा गया वो भी मिडिया कॉन्फ्रेंस में दिए गए विवादित बयान पर मुख्यतः चुनावी आचार संहिता के तहत कार्रवाई की गई, जबकि गौतम खट्टर मामले में कांग्रेस द्वारा एफ आई आर दर्ज करवा आपराधिक धाराओं के तहत सख्त कदम उठाए जाने की मांग की जाती है।गोवा के मुख्यमंत्री भी मामले को गंभीर लेते हुए गौतम खट्टर पर सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज करवा गोवा पुलिस को हरिद्वार, देहरादून भेज गौतम खट्टर के निर्दोष भाई पर भी मामला दर्ज करवाते हैं।
ऐसे में यह आवश्यक है कि कानून का अनुप्रयोग सभी मामलों में समान रूप से हो, जिससे किसी प्रकार के दोहरे मापदंड की धारणा न बने।भारत सरकार देश में सभी के लिए एक देश एक क़ानून लागु करें!
सोहन गिरी ने इस संदर्भ में “धर्म” और “रिलिजन ” के बीच अंतर को समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार “धर्म” भारतीय परंपरा में कर्तव्य, सत्य और नैतिकता का व्यापक सिद्धांत है, जबकि “रिलिजन ” एक संगठित आस्था प्रणाली है। इन दोनों अवधारणाओं को समान मानकर निर्णय लेने से कई बार भ्रम और विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास से जुड़े विषयों पर चर्चा करते समय संतुलन और तथ्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए। कुछ ऐतिहासिक विवरणों में यह उल्लेख मिलता है कि औपनिवेशिक काल में धर्म प्रचार और धर्म परिवर्तन से जुड़े कई विवाद एवं कठिन परिस्थितियाँ रही हैं, जिन पर विभिन्न दृष्टिकोण मौजूद हैं। ऐसे विषयों पर यदि कोई व्यक्ति अपनी ऐतिहासिक समझ या दृष्टिकोण रखता है, तो उसे विधि-सम्मत और शांतिपूर्ण तरीके से ही परखा जाना चाहिए।गौतम खट्टर ने धर्म का पालन किया ओर धर्म परिवर्तन करने वाले सेंट फ्रांसिस जेवियर का रिलीजियस सत्य बया किया कैसे धर्म परिवर्तन के लिए आतंक का भी सहारा लिया गया था।
संगठन ने भारत सरकार से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए। यदि कोई निर्दोष व्यक्ति हिरासत में है तो उसे तत्काल रिहा किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, देश में सामाजिक एवं धार्मिक सौहार्द बनाए रखने हेतु सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है।

