भुवनेश्वर -कटक ट्विन सिटि खबरें

१-बीजेडी नेत्री श्रीमयी मिश्र को महिला बीजेडी ने चेतावनी दी २-बोली मुखिया के खिलाफ इशारों में…

संक्षिप्त समाचार ओडिशा के

१-भूस्खलन पश्चात कलिंगा घाटि में झरणे की सृष्टि २-यातायात बंद अनिश्चितकालीन ३-विशेषज्ञ समिति सरकार को रिपोर्ट…

ओडिशा मौसम समाचार तीन दिन बरसात

भुवनेश्वर, राज्य मौसम विभाग ने सूचना दी है कि आगामी ३ दिनों तक राज्य के अनेक…

एआई सर्वर, ड्रोन, मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले 2 एनएम के सबसे उन्नत चिप्स यहां डिजाइन किए जाएंगे: अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में एआरएम के नए कार्यालय के शुभारंभ पर कहा

रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज बेंगलुरु में…

आयुर्वेद दिवस 2025 के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) द्वारा बाइक रैली का आयोजन

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली ने 17 सितम्बर, 2025 को आयुर्वेद दिवस 2025 के उपलक्ष्य में एक बाइक रैली का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस वर्ष का विषय “जन-जन के लिए आयुर्वेद, धरती के लिए आयुर्वेद” था, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन और पर्यावरणीय संतुलन में आयुर्वेद की भूमिका को रेखांकित किया गया। रैली का शुभारंभ प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुमार प्रजापति, निदेशक, AIIA द्वारा संस्थान परिसर से हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर की शोभा बढ़ाने हेतु पूर्व निदेशक (प्रभारी) प्रो. (डॉ.) मंजुषा राजगोपाल, विभिन्न विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी शोधार्थी तथा संस्थान के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने AIIA परिसर से आयुष मंत्रालय तक बाइक रैली निकाली और हाथों में आयुर्वेद दिवस का लोगो तथा विषय दर्शाते हुए झंडे लेकर यात्रा की। यह रैली निवारक स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी। इस अवसर पर निदेशक प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुमार प्रजापति ने कहा कि “यह रैली आयुर्वेद के शाश्वत संदेश ‘संतुलन’ को दर्शाती है न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य के लिए भी। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम युवाओं और नागरिकों को आयुर्वेद को जीवनशैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।” यह रैली आगामी 23 सितम्बर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के लिए एक प्रभावी भूमिका सिद्ध हुई। हाल ही में भारत सरकार द्वारा यह तिथि प्रतिवर्ष आयुर्वेद दिवस के रूप में निश्चित की गई है. ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे समान रूप से मनाया जा सके। यह तिथि शरद संपात (Autumnal Equinox) के दिन आती है, जो प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है और आयुर्वेद के मूल दर्शन को प्रतिबिंबित करती है। आयुष मंत्रालय और AIIA निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों, प्रशिक्षण पहलों और सहयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से आयुर्वेद को मुख्यधारा स्वास्थ्य प्रणाली और सतत जीवन शैली से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

“भारत 2047 तक सतत समुद्री विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, 2047 तक वैश्विक नेतृत्व पर नजर रख रहा है:” केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोणोवाल

भारत का समुद्री क्षेत्र क्रांतिकारी परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है, जो इसे भविष्य में एक…

सेल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कंपनी की 53वीं वार्षिक आम बैठक में दृढ़ता, परिवर्तन और भविष्य के लिए तत्परता पर किए विचार साझा

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने चिन्मया मिशन, नई दिल्ली में अपनी 53वीं वार्षिक आम…

​​​​​​​“हर प्रभावित परिवार को सहायता मिलेगी, हर किसान की बात सुनी जाएगी और एक स्थाई समाधान प्रदान किया जाएगा” – रक्षा निखिल खडसे

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री, श्रीमती रक्षा निखिल खडसे, ने पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती परनीत कौर…

भुवनेश्वर -कटक ट्विन सिटि खबरें

१-आज विश्वकर्मा पूजा है २-ट्विन सिटि भुवनेश्वर -कटक की सभी इंडस्ट्री में भगवान विश्वकर्मा पूजा जोर…

संक्षिप्त समाचार ओडिशा के

१-आज प्रधानमंत्री मोदी के ७५ वें जन्मदिन को ओडिशा सरकार, भाजपा मना रही जोरदार २-एक पेड़…