१-राज्य भाजपा सभापति मनमोहन सामल राज्य योजना बोर्ड अध्यक्ष बनने की संभावना २-कटक में भी सारे…
Author: krantiodishanews
संक्षिप्त समाचार ओडिशा के
१-श्रीजगन्नाथ पुरी में सोना वेश में दर्शन दिए महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा २-पुरी में…
ओडिशा मौसम समाचार आज से बरसात बढ़ेगी
भुवनेश्वर, राज्य मौसम विभाग ने सूचना दी है कि आज से राज्य में अगले तीन दिनों…
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे पी नड्डा ने औषधि, सौंदर्य प्रसाधन और चिकित्सा उपकरणों के विनियमन की समीक्षा की
“भारत को ‘विश्व की फार्मेसी’ की अपनी वैश्विक प्रतिष्ठा के अनुरूप औषधि विनियमन में वैश्विक अग्रणी देश बनने के लिए, हमें अपने परिचालन के पैमाने और अंतर्राष्ट्रीय अपेक्षाओं के अनुरूप विश्व स्तरीय नियामक व्यवस्था की आवश्यकता है।” यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे पी नड्डा ने आज यहां औषधियों, सौंदर्य प्रसाधनों और चिकित्सा उपकरणों के विनियमन की समीक्षा करते हुए कही। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्री अपूर्व चंद्रा, भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) डॉ राजीव सिंह रघुवंशी और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। दवाओं के अग्रणी उत्पादक और निर्यातक के रूप में भारत की वैश्विक स्थिति पर प्रकाश…
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पिछले 7 वर्षों के दौरान ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत 84,119 बच्चों को बचाया
पिछले सात वर्षों में, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ‘नन्हे फरिश्ते’ नामक एक ऑपरेशन में अग्रणी रहा है। यह एक मिशन जो विभिन्न भारतीय रेलवे जोनों में पीड़ित बच्चों को बचाने के लिए समर्पित है। पिछले सात वर्षों (2018-मई 2024) के दौरान, आरपीएफ ने स्टेशनों और ट्रेनों में खतरे में पड़े या खतरे में पड़ने से 84,119 बच्चों को बचाया है। ‘नन्हे फरिश्ते’ सिर्फ एक ऑपरेशन से कहीं अधिक है; यह उन हजारों बच्चों के लिए एक जीवन रेखा है जो खुद को अनिश्चित परिस्थितियों में पाते हैं। 2018 से 2024 तक का डेटा, अटूट समर्पण, अनुकूलनशीलता और संघर्ष क्षमता की कहानी दर्शाता है। प्रत्येक बचाव समाज के सबसे असुरक्षित सदस्यों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है। वर्ष 2018 में ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ की महत्वपूर्ण शुरुआत हुई। इस वर्ष, आरपीएफ ने कुल 17,112 पीड़ित बच्चों को बचाया, जिनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। बचाए गए 17,112 बच्चों में से 13,187 बच्चों की पहचान भागे हुए बच्चों के रूप में की गई, 2105 लापता पाए गए, 1091 बच्चे बिछड़े हुए, 400 बच्चे निराश्रित, 87 अपहृत, 78 मानसिक रूप से विक्षिप्त और 131 बेघर बच्चे पाए गए। वर्ष 2018 में इस तरह की पहल की तत्काल आवश्यकता को उजागर करते हुए ऑपरेशन के लिए एक मजबूत नींव रखी गई। वर्ष 2019 के दौरान, आरपीएफ के प्रयास लगातार सफल रहे और लड़कों और लड़कियों दोनों सहित कुल 15,932 बच्चों को बचाया गया। बचाए गए 15,932 बच्चों में से 12,708 भागे हुए, 1454 लापता, 1036 बिछड़े हुए, 350 निराश्रित, 56 अपहृत,…
देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के 67 स्नातकोत्तर स्तर के छात्रों ने एनएचआरसी, भारत द्वारा आयोजित एक महीने की ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप पूरी की
देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से आए विभिन्न शैक्षणिक धाराओं के 67 स्नातकोत्तर स्तर के…
भुवनेश्वर -कटक ट्विन सिटि खबरें
१-आज ट्विन सिटि में सभी जगन्नाथ मंदिरों में होगा सोना वेश २-कटक में सोना वेश मुख्य…
संक्षिप्त समाचार ओडिशा के
१-आज पुरी में है विश्व प्रसिद्ध सोना वेश दर्शन २-आज संध्या से महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र,देवी…
ओडिशा मौसम समाचार १९ जुलाई से बढ़ेगी लघुचापी बरसात
भुवनेश्वर, राज्य मौसम विभाग ने सूचना दी है कि राज्य में आगामी १९ जुलाई से लघुचाप…
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज हरियाणा के महेंद्रगढ़ में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मान सम्मेलन को संबोधित किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज हरियाणा के महेंद्रगढ़ में आयोजित पिछड़ा…