जनवरी 2025 में, आधार धारकों ने 284 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन किए, जिससे भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था के निरंतर विस्तार का पता चलता है। यह महत्वपूर्ण आंकड़ा देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को भी दर्शाता है।
जनवरी 2025 में प्रमाणीकरण लेनदेन में जनवरी 2024 की तुलना में 32% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जब 214.8 करोड़ ऐसे लेनदेन किए गए थे।
आधार की बढ़ती उपयोगिता और स्वीकार्यता
औसतन हर दिन नौ करोड़ से ज्यादा प्रमाणीकरण हो रहे हैं। यह लोगों के दैनिक जीवन में आधार की बढ़ती उपयोगिता और उपयोग को दर्शाता है। लगभग 550 संस्थाएं आधार प्रमाणीकरण सेवा का उपयोग कर रही हैं।
चेहरा आधारित आधार प्रमाणीकरण लेन-देन भी काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। जनवरी में, लगभग 12 करोड़ चेहरा आधारित आधार प्रमाणीकरण लेन-देन किए गए। अक्टूबर 2021 में पहली बार शुरू किए जाने के बाद से, कुल मिलाकर चेहरा (फेस) आधारित प्रमाणीकरण लेन-देन की संख्या 102 करोड़ को पार कर गई है। पिछले 12 महीनों में ही कुल चेहरा आधारित प्रमाणीकरण लेन-देन में से लगभग 78 करोड़ लेन-देन दर्ज किए गए।
यूआईडीएआई द्वारा विकसित एआई/एमएल आधारित फेस प्रमाणीकरण समाधान का उपयोग वित्त, बीमा, फिनटेक, स्वास्थ्य और दूरसंचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में किया जा रहा है। केंद्र और राज्यों के कई सरकारी विभाग लक्षित लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं।
आधार ई-केवाईसी सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका
आधार ई-केवाईसी सेवा पारदर्शी और बेहतर ग्राहक अनुभव प्रदान करके और व्यापार को आसान बनाने में मदद करके बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस साल जनवरी के दौरान 43 करोड़ से अधिक ई-केवाईसी लेनदेन किए गए। जनवरी 2025 के अंत तक, आधार ई-केवाईसी लेनदेन की कुल संख्या 2268 करोड़ से अधिक हो गई।

