मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा का गौरवशाली, स्वर्णिम इतिहास,छठी कड़ी , दिल्ली अधिवेशन की उपलब्धियां (दूसरा भाग)
नन्द किशोर जोशी,पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच,सत्र-1991-94
कल मैंने दिल्ली अधिवेशन की उपलब्धियां बतायी थी पहले भाग के तौर पर।आज बता रहा हूं दूसरे भाग के तौर पर। दिल्ली में उस समय जो राष्ट्रीय स्तर का कवि सम्मेलन आयोजित हुआ था ,ऐसा विशिष्ट, विशाल,अनूठा, अद्भुत, बेमिसाल कवि सम्मेलन मैंने आजतक मेरी जिंदगी में न तो देखा और न ही सुना।
मेरे विचार से राष्ट्रीय स्तर के सर्वोच्च सम्मानजनक स्थान पर बैठने वाले कवि उस समय मंच के कवि सम्मेलन में पधारे थे। इनमें एक थे हिन्दी दैनिक अखबार हिंदुस्तान के संपादक तथा मध्यप्रदेश से लोकसभा के सांसद, दूसरे थे दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर तथा हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष, तीसरे थे दैनिक नवभारत टाइम्स के रोज के स्तंभकार।इनका व्यंग्य लेख रोजाना उन दिनों प्रतिदिन के नाम से अखबार के बेक पेज पर छपता था।उन दिनों बेक पेज अखबार में सामने के पेज के बाद दूसरा सर्वाधिक महत्वपूर्ण पेज हुआ करता था। मुझे याद है कि उन्होंने पाकिस्तान के परमाणु बम पर बड़ी तल्ख टीप्पणी की थी,जो आज के संदर्भ में भी लागू है।
ऐसे विशाल, भव्य, आलीशान, अभूतपूर्व कवि सम्मेलन में हमने कटक के नवागत, युवा कवि को उनके साथ बैठाने , कविता पाठ कराने में सफलता प्राप्त की।कवि प्रीत गोविंद का सपना साकार हुआ। दिल्ली में उन दिनों घरों के छोटे मोटे उत्सवों में कवि सम्मेलन आयोजन का रिवाज था। चूंकि दिल्ली भारत की सबसे बड़ी कवि मंडी है, सर्वाधिक कवि यहां रहते हैं,सो प्रीत गोविंद को मंजिल मिल गई।
दिल्ली अधिवेशन में उद्घाटन सत्र और समापन सत्र दोनों ही कामयाब सत्र रहे। यहां राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिव चरण माथुर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री के सभा स्थल पर आगमन पर उनका मारवाड़ी स्टाइल से स्वागत किया गया,आरता करके ।एक बच्ची ने उनके माथे पर तिलक लगाया, पुष्पों की बरसात हुई, उन्होंने भी मारवाड़ी स्टाइल में थाली में नेग दिया। मारवाड़ी संस्कृति की नजारा देखकर उपस्थित सारे बड़े प्रसन्न हुए।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अपने संबोधन में बोले कि आप सब पूरे भारत में राजस्थान के ब्रांड एंबेसडर हैं।आप लोगों की कड़ी मेहनत, व्यापार के प्रति निष्ठा, स्वदेश प्रेम को मैं नमन करता हूं।आप लोग भारत के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।आप लोगों से अनुरोध है कि आप राजस्थान में भी आकर अपना व्यापारी हुनर दिखायें, राजस्थान आपसे यह उम्मीद रखता है। राजस्थान सरकार आपको सभी तरह से मदद देने को तैयार है। उनके पूरे संबोधन के समय लगातार तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही थी।
प्रख्यात साहित्यकार,लेखक डोक्टर टिकनेत अधिवेशन के एक सत्र को संबोधित किए थे। उन्होंने मारवाड़ी समाज पर काफी शोध किया है। उन्होंने मारवाड़ी समाज पर एक सुंदर पुस्तक की रचना भी की है। उपरोक्त पुस्तक में काफी उपादेय बातें मारवाड़ी लोगों के बारे में लिखी गई है। उनके संबोधन के दौरान भी सदस्यों ने खूब तालियां बजाई।
कोलकाता से पधारे प्रसिद्ध वामपंथी चिंतक, साहित्यकार, पत्रकार गीतेश शर्मा का उद्बोधन बडा जोशिला रहा। उन्होंने संबोधन के माध्यम से जीवन की अनेक सार्थक बातें कही।इनके संबोधन में भी खूब तालियां बजी।
अधिवेशन के दौरान एक संध्या समय सदस्यों, उनके परिवार के सदस्यों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया था। उपरोक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम भी अव्वल दर्जे का रहा था। क्रमशः


