विश्व मैत्री महोत्सव में सोहन गिरी को मिला सम्मान, दिल्ली में जनजागरण यात्रा की तैयारी

मुंबई में प्रतिष्ठित हस्तियों ने किया अभिनंदन; दिल्ली में 18 नवंबर से प्रस्तावित ‘सनातन संस्कृति रक्षा यात्रा’ की भी दी जानकारी

 

मुंबई,  मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित यशवंतराव चव्हाण सभागृह में आयोजित विश्व मैत्री महोत्सव में राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन के संस्थापक अध्यक्ष सोहन गिरी को सम्मानित किया गया। महावीरायतन फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित समारोह में मिजोरम के राज्यपाल एवं सेवानिवृत्त जनरल डॉ. वी. के. सिंह, केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद रामदास आठवले तथा महावीरायतन फाउंडेशन के संस्थापक एवं कार्यक्रम आयोजक भाई देवेंद्र ब्रह्मचारी ने उनका अभिनंदन किया।

इस अवसर पर देश में ख्यातिप्राप्त चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री के. सी. जैन को भी सम्मानित किया गया। सोहन गिरी ने श्री जैन को सम्मान प्रदान किया। श्री जैन वर्तमान में भी विभिन्न संस्थाओं में उच्च पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

विश्व मैत्री महोत्सव में सोहन गिरी का सम्मान राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन के लिए गौरवपूर्ण अवसर रहा। संगठन ने इसे समाज और राष्ट्र के प्रति सेवा, समर्पण तथा जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा बताया।

समारोह में मैत्री, मानवता, करुणा, अहिंसा और सामाजिक सद्भाव जैसे मूल्यों पर बल दिया गया। आयोजन के माध्यम से समाज में सकारात्मक योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के कार्यों को सम्मानित करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन ने दिल्ली में प्रस्तावित ‘सनातन संस्कृति रक्षा यात्रा’ की जानकारी भी साझा की। संगठन के अनुसार, यह यात्रा 18 नवंबर से 6 दिसंबर 2026 तक आयोजित करने की योजना है। इसके तहत दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने और 3,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा का लक्ष्य रखा गया है।

भारत रक्षा मंच की अध्यक्षता में प्रस्तावित इस अभियान के संयोजन की जिम्मेदारी सोहन गिरी को सौंपी गई है। संगठन के अनुसार, यात्रा के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), घुसपैठ से जुड़े विषयों और धर्मांतरण के मुद्दों पर जनजागरूकता के साथ राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक चेतना का संदेश देने की योजना है।

संगठन ने बताया कि यात्रा की विस्तृत रूपरेखा आगे साझा की जाएगी। साथ ही दिल्ली के नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से इस प्रस्तावित अभियान में सहभागिता की अपील की गई।

राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन ने कहा कि सामाजिक जागरूकता, राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से वह अपने आगामी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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