मुंबई में मुंबई मिरर बंद,पुना में पुना मिरर बंद,अब दिल्ली में सांध्य टाइम्स बंद , भारत में अखबारों की हालत बिगड़ी
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर, क्रांति ओडिशा मीडिया
भारत में करीब 15 सालों से सोसयल मीडिया, डिजिटल मीडिया का राज चल रहा है। सैंकड़ों सालों से चले आ रहे अखबार या तो बंद होते जारहे हैं या बंद होने की कगार पर खड़े हैं। आजकल प्रिंट मीडिया पर छपी खबरों को कोई पढ़ना नहीं चाहता है।
इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि अखबारों में आज की खबर आज रात छपकर कल आपके पास पहुंचती है। मतलब एक दिन देर से पहुंचती है। मतलब कल की बासी खबरें आप आज पढ़ेंगे ।वो भी पैसा रोज के हिसाब से देकर।
भारत तथा पूरे विश्व में तेजी से घटनाएं घटती हैं आजकल।सारी घटनाओं की खबरें फोटो, वीडियो समेत करोड़ों लोगों को तुरंत तुरंत डिजिटल मीडिया में मोबाइल फोन के माध्यम से मिल जाया करती हैं।ऐसे में कोई खबरें जानने के लिए कल तक का इंतजार क्यों करे,वो भी पैसे खर्च कर। इतने बेवकूफ हिंदुस्तानी हैं नहीं।
कोविद के समय 2020 -21 में भारत में लोगों के बीच में यह खबर जोरों से फैली थी कि अखबारों के माध्यम से कोरोना घर के अंदर घुस जायेगा। इसलिए करोड़ों लोगों ने अखबार मंगाना ही बंद कर दिया। कोरोना पश्चात भी यही ट्रेंड प्रायः रहा।इससे अखबारों की बिक्री,संख्या काफी घट गई।
कोविद पश्चात अखबारों की बिक्री ,संख्या क्रमशः घटती ही जारही है। अनेक राज्यों में अखबार लगातार बंद होते जारहे हैं पिछले अनेक वर्षों से।ऐसे में भारत का बहुत बड़ा मीडिया ग्रुप है टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप।इसी ग्रुप के अखबार मुंबई मिरर,पुना मिरर पहले ही बंद हो गये थे।अब कल आखिरी बार छपा इसी ग्रुप का दिल्ली से प्रकाशित अखबार सांध्य टाइम्स।
अब आनेवाले दिनों में और भी अखबार बंद होने की कगार पर खड़े हैं। ओडिशा में भी अनेक अनेक अखबारों के हालात बिगडे हुए हैं। देखिए कब क्या होता है।


