रेवेंशा कोमर्स 77 ग्रुप गठित
प्रथम सम्मेलन रविवार 12 जुलाई रेवेंशा में 
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर , क्रांति ओडिशा मीडिया
प्रथम कड़ी
कटक, ओडिशा की सर्वपुरातन उच्च शिक्षानुष्ठान है कल की रेवेंशा कोलेज और आज की रेवेंशा विश्वविद्यालय। रेवेंशा कोलेज की स्थापना हुई 1869 ,कटक में।उस समय अंग्रेजों का शासन था ओडिशा,भारत में। अंग्रेज पूरे भारत में सबसे अंत में ओडिशा आये थे 1803 में।उन दिनों कटक ओडिशा की राजधानी हुआ करती थी।
रेवेंशा नामक अंग्रेज अधिकारी उन दिनों ओडिशा में सर्वोच्च पद पर आसीन थे अंग्रेजी हुकूमत में कटक में। अंग्रेज अधिकारी रेवेंशा शिक्षाविद के साथ साथ शिक्षा प्रेमी भी थे। उनके प्रयासों से कटक में शिक्षा के 3 नये शिक्षा केन्द्र खोले गए।एक का नाम है रेवेंशा कोलिजिएट स्कूल, दूसरे शिक्षा केन्द्र का नाम है रेवेंशा गर्ल्स स्कूल और तीसरे शिक्षा केन्द्र का नाम है रेवेंशा कोलेज।
रेवेंशा कोलिजिएट स्कूल के छात्र रहे हैं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, उत्कल गौरव मधुसूदन दास ,बिजु पटनायक, विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्राण कृष्ण परिजा इत्यादि।रेवेंशा कोलिजिएट स्कूल कचहरी एरिया में स्थित है। यहां इसका मुख्य द्वार है।इसका एक गेट खुलता है दूसरी तरफ,जिसे ओल्ड कोलेज लेन कहते हैं।इसी स्कूल कंपाउंड में आरंभ हुई थी रेवेंशा कोलेज। कुछ वर्षों तक रेवेंशा कोलेज यहां चली , तत्पश्चात कोलेज का स्थानांतरण हुआ कोलेज छक एरिया में।
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने मेट्रिक तक पढ़ाई की कटक में। तत्पश्चात वे कोलकाता चले गए, वहीं कोलेज की पढ़ाई किये। लेकिन मधुसूदन दास,बिजु पटनायक,प्राण कृष्ण परिजा इत्यादि सभी ने उच्च शिक्षा प्राप्त की रेवेंशा कोलेज में।

बिजु पटनायक तीन बार कोलेज एथलेटिक्स, स्पोर्ट्स में रेवेंशा चैंपियन रहे।डोक्टर हरे कृष्ण महताब,बिरेन मित्र, नंदिनी सत्पथी,जानकी वल्लभ पटनायक समेत ओडिशा के अनेक मुख्यमंत्री रेवेंशा कोलेज के छात्र रहे हैं। अनेक केंद्रीय मंत्री, अनेक राज्यों के राज्यपाल, विदेशों में भारत के राजदूत रेवेंशा के छात्र रहे हैं।
आइएएस, आइपिएस, आइएफएस अधिकारी तथा अन्य बड़े सिविल सर्विस अधिकारी,भारत में मिलिट्री के अधिकारी इसी रेवेंशा कोलेज में पढ़े हैं।इनकी संख्या हजारों में है।उसी तरह विधायक, सांसद,मंत्री,कांउसिलर,कोर्पोरेटर ,मेयर,डोक्टर , शिक्षाविदों,एडवोकेटों की संख्या भी हजारों में है।
मैंने इसतरह केवल रेवेंशा कोलेज की संक्षिप्त में एक झांकी प्रस्तुत की है।1969 में रेवेंशा ने अपनी स्थापना के 100 साल पूरे किए। भारत सरकार ने रेवेंशा कोलेज के गौरवशाली इतिहास को देखते हुए एक डाक टिकट जारी किया था।
1969 को पुरानी रेवेंशा कोलिजिएट स्कूल से एक बड़ी छात्रों की रैली निकल कर कोलेज छक रेवेंशा कोलेज पहुंची शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में। भारत सरकार के अनेक मंत्री, अधिकारी शताब्दी समारोह में शामिल हुए, ओडिशा मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मंत्रीमंडल के सभी सदस्य शामिल हुए। पुराने छात्र छात्राओं का समूह भी शामिल हुआ। क्रमशः

