4 मई ,बंगाल से ममता गई
बंपर वोटिंग ने हिलाया टिएमसि को
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर
क्रांति ओडिशा मीडिया
धीरे-धीरे बंगाल की दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है।अभी तक वहां वोटिंग 75% से ज्यादा होगयी है। चंद घंटों में बूथ बंद होगी।मेरा आकलन है कि इस बार 90% या उससे ज्यादा बंगाल में वोटिंग होगी।
भारत का चुनावी इतिहास बोलता है कि कहीं भी ,किसी भी चुनाव में अगर बंपर वोटिंग हुई, मतलब 80% से ज्यादा वोटिंग हुई,इसका मतलब आंटि इनकमवेंसी वोटिंग, मतलब वर्तमान सरकार विरोधी वोटिंग मतलब ममता विरोधी वोटिंग मतलब भाजपा सपक्ष में वोटिंग।
पहले चरण में 93% वोटिंग हुई थी , दूसरे चरण में भी इसी तरह 90% या उससे ज्यादा वोटिंग की संभावना दिखाई देरही है।
ममता के चुनाव क्षेत्र भवानीपुर में कुछ छिटपुट घटनाएं हुई हैं आज। वहां भाजपा के जय श्रीराम के मुकाबले जय बंग्ला नारे लगे हैं। जहां जय श्रीराम सनातनी नारा है , वहीं जय बंग्ला ,बंग्लादेश के शेख मुजिबुर रहमान का नारा है।
ममता के दिल में बंग्लादेश बसा है , इसीलिए वह सारे कर्म बंग्लादेश के हिसाब से करती आ रही है। बंग्लादेशियों को भारत में बसाने ,उनको राशन कार्ड बनाने, आधार कार्ड बनाने में मदद करती रहती है।
भारत सरकार को बंग्लादेश सीमा पर कांटे के तारों की फेन्सिंग के लिए जमीन नहीं दे रही है। लेकिन आज के बाद उसके सारे हथकंडे फेल होंगे।सभी तरह की बुरायी का अंत जैसे होता है, वैसे ही टिएमसि सरकार का अंत वोटिंग के जरिए आज होना है।
टिएमसि की गुंडागर्दी सब दिन के लिए खत्म होगी। बंगाल की एक और खूबी है कि जो सत्ता से गयी ,वो फिर वापस कभी नहीं आयी।
1977 के बाद कांग्रेस कभी बंगाल में सत्ता में नहीं आयी।2011 के बाद सिपिएम कभी बंगाल में सत्ता में नहीं आयी। वैसे ही अब 2026 में टिएमसि जाने पश्चात कभी सत्ता में वापस नहीं आयेगी।


