बंगाल दूसरे चरण में बंपर वोटिंग
90% तक वोटिंग होने का आकलन
ममता भवानीपुर में हार ने की संभावना, भाजपा 200 पार टिएमसि 80 के नीचे
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर
क्रांति ओडिशा मीडिया
आज सुबह से ही बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में बंपर वोटिंग जारी है। लोगों ने सुबह से ही बूथ पर जाकर वोटिंग का कार्य निपटाया।दिन के 11 बजे तक दूसरे चरण में वोटिंग हुई 40% । वोटिंग का यह आंकड़ा वोटिंग खत्म होने तक 90% जाने का आकलन किया जा रहा है। कहीं कहीं यह आंकड़ा 90% से भी ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
कोलकाता का वोटिंग इतिहास बोल रहा है कि यहां कभी 65% से ज्यादा वोटिंग नहीं हुई। पिछले बार भी 65% वोटिंग ही हुई है। लेकिन इस बार सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था, केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़ी पैमाने पर तैनाती, हजारों टिएमसि गुंडों की तेज धरपकड़,उनका पुलिसिया इलाज होने के कारण,इस बार रिकार्ड वोटिंग हो रही है।
बंगाल की जनता बेखौफ होकर सुबह से ही बूथ में लाइनों में खड़ी होकर शांति से वोट कर रही है।हेवि पोलिंग का मतलब बंगाल की जनता बदलाव चाहती है। मतलब पालटानो सरकार, मतलब इस बार भाजपा सरकार।
एक और बड़ी बात मैं यहां उल्लेख करना चाहूंगा कि इस चुनाव में बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार, हिन्दू बंगालियों की वहां पिछले दो साल में नृसंश हत्या, पश्चिम बंगाल के आम बंगालियों को झकझोर दिया है,इस बार के चुनाव में। यहां के हिन्दू बंगाली ममता बनर्जी की मुस्लिम तुष्टिकरण नीति से तंग आ चुके हैं,वे बंग्लादेश के हिन्दुओं की हत्या का यहां बदला लेना चाहते हैं ममता से ।
इसके अलावा यहां एसआइआर का भी असर है । इसके कारण हिन्दू मतदाता बड़ी संख्या में सुबह से बेखौफ होकर वोटिंग कर रहे हैं,जो पहले कभी नहीं करते थे।
पिछले 50 साल में बंगाल में एक भी बड़ी इंडस्ट्री यहां नहीं आयी। पहले कम्युनिस्ट लोगों ने यहां अराजकता फैलायी , नतीजा कारखाने बंद हुए,लोग बेरोजगार हुए। ममता 2011 से लगातार शासन में रहकर वामपंथी राह पर चली।नयी इंडस्ट्री नहीं आयी ,जो भी पुरानी थी ,वो भी ज्यादातर बंद होने लगी।
एक और मजेदार बात मैं यहां बताना चाहता हूं कि 1980 से ओडिशा में जितनी भी सरकारें आयी हैं, यहां बड़ी संख्या में नयी नयी इंडस्ट्री लगी है। हजारों छोटे बड़े उद्योग लगे हैं, लाखों को रोजगार मिला है। मतलब ओडिशा में किसी भी दल की सरकार हो ,बड़ी संख्या में नये उद्योग धंधे लगते हैं। इसके ठीक उलट बंगाल में 1977 से वामपंथी हो या ममता सबके शासन में उद्योग धंधे बंद हुए हैं, चौपट हुए हैं।
बंगाल की जनता आज दूसरे चरण में 90% तक या उससे ज्यादा वोटिंग करने का आकलन किया जा रहा है। बंगाल की जनता वामपंथी, ममता सरकार से तंग आ चुकी है,मुक्ति चाहती है, भविष्य में खुशहाली चाहती है। इसलिए पालटानो सरकार आरही है , भाजपा 200 पार भी जाने की संभावना दिखाई देरही है।
अहंकारी ममता ,उनकी दल टिएमसि 80 सिटों तक सिमटती हुई नजर आरही है। बंगाल में इस बार खेला होबे नहीं,खेला शेष होबे ममता का ,टिएमसि का।


