कटक सनसाईन फिल्ड में आजकल चल रही श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन है।आज कथा प्रारंभ के पहले रोजाना की तरह श्रीमद्भागवत कथा महापुराण ग्रंथ की विधिवत पूजा अर्चना की गयी। रोजाना की तरह जजमान सज्जन गुप्ता दंपती ने श्रीमद्भागवत महापुराण ग्रंथ की सर्वप्रथम पूजा अर्चना की। तत्पश्चात समस्त गुप्ता परिवार और उनके सगे संबंधियों ने पूजा अर्चना की। इनमें शामिल थे रवि बजाज एवं राजेन्द्र बजाज।

आज सनसाईन फिल्ड कथा स्थल के मंच पर जगन्नाथ महाप्रभु का बड़ा श्रंगार वेश था। सनसाईन फिल्ड पर श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की विशेष बात यह है कि यहां हर दिन चतुर्धा मूर्तियों का विशेष वेश होता है, जैसे श्री जगन्नाथ मंदिर पुरी में होता है।

पूज्य इंद्रेश जी महाराज के मंच आगमन पश्चात यहां विराजे ठाकुर जी का पट खुलता है,पर्दा हटाया जाता है। ठाकुरजी की एक झलक पाने के लिए कथा स्थल पर सभी भक्त बेचैन हो जाते हैं।सभी भक्त ठाकुरजी के दर्शन पाने के लिए पट खुलते ही तत्क्षणात खड़े हो जाते हैं।

पूरे पंडाल में आध्यात्मिक वातावरण पैदा हो जाता है।जय जगन्नाथ,जय जगन्नाथ ध्वनि से पूरा पंडाल गूंजायमान हो जाता है देखते-देखते।यह सनातन धर्म की विशिष्ट परंपरा है। श्रीमद्भागवत महापुराण कथा यज्ञ में ऐसी विशिष्ट परंपरा बहुत कम ही जगह देखने को मिलती है।

आज कथा स्थल की एक और विशेष बात यह है कि यहां पधारे थे भुवनेश्वर लिंगराज मंदिर से सेवायत राज किशोर महापात्र,निआलि नीलमाधव मंदिर से मृंत्युजय मिश्र और नीलमाधव मिश्र ,पुरी गोवर्धन पीठ शंकराचार्य मठ से विश्व रंजन त्रिपाठी।

उल्लेखनीय है कि निआली नीलमाधव मंदिर ओडिशा का एक अति प्राचीन मंदिर है।एक और खास बात इस मंदिर की यह है कि निआली नीलमाधव मंदिर जगन्नाथ महाप्रभु के मामा का घर है।यह मंदिर कटक जिले में स्थित है।

