14,617 सरकारी और निजी आईटीआई में देशभर में हासिल की दूसरी रैंक
भुवनेश्वर, 12 जून, 2026: भारत की प्रमुख सीमेंट कंपनियों में से एक, डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड ने घोषणा की है कि ओडिशा के राजगंगपुर स्थित डालमिया इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की ऑल इंडिया आईटीआई ग्रेडिंग 2026-27 में देश के नंबर 1 निजी आईटीआई का स्थान प्राप्त किया है। संस्थान ने देशभर के 14,617 सरकारी और निजी आईटीआई में समग्र रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है। इसे 10 में से 9.7 का उत्कृष्ट स्कोर प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि संस्थान के लगातार बेहतर प्रदर्शन की कड़ी है। इससे पहले वर्ष 2024-25 में भी यह भारत के निजी आईटीआई संस्थानों में दूसरे स्थान पर रहा था। इस वर्ष शीर्ष स्थान तक पहुँचना गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा और विद्यार्थियों की सफलता पर लगातार दिए गए फोकस का परिणाम माना जा रहा है। संस्थान में फिटर, इलेक्ट्रीशियन, मशीनिस्ट, वेल्डर, कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा) और सोलर टेक्नीशियन जैसे विभिन्न ट्रेड्स में तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है। पिछले दो वर्षों में नामांकित विद्यार्थियों में 13 प्रतिशत महिलाएँ रही हैं, जबकि 84 प्रतिशत विद्यार्थी अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से जुड़े थे, जो कौशल विकास के क्षेत्र में समावेशी भागीदारी को भी दर्शाता है।
इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए डीसीबीएल ने संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सम्मान में एक विशेष समारोह आयोजित किया। कंपनी के अधिकारियों की उपस्थिति में सभी को इस राष्ट्रीय उपलब्धि में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डीसीबीएल के कार्यकारी निदेशक और राजगंगपुर यूनिट हेड चेतन श्रीवास्तव ने कहा, “यह सम्मान डालमिया भारत के लिए गर्व का क्षण है और हमारे विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों तथा उद्योग जगत के सहयोगियों की मेहनत का परिणाम है। भारत के नंबर 1 निजी आईटीआई का दर्जा मिलना युवाओं, खासकर महिलाओं और वंचित समुदायों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। साथ ही, यह देश के कौशल विकास तंत्र को सशक्त बनाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कार्यबल तैयार करने की दिशा में हमारे प्रयासों को भी दर्शाता है।”
भारत जहाँ कौशल विकास और विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं डालमिया भारत उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता पर लगातार काम कर रहा है।

