नई दिल्ली, राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन ने कॉमेडियन सुनिल पाल द्वारा एक पॉडकास्ट के दौरान नागालैंड को लेकर की गई कथित टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। संगठन ने कहा कि यह बयान केवल नागालैंड और पूर्वोत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की भावनाओं को आहत करने वाला है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोहन गिरी ने कहा कि “नागालैंड भारत का अभिन्न और सम्मानित हिस्सा है। किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति द्वारा ऐसी टिप्पणी करना, जिससे देश के किसी राज्य या समुदाय को अलग या कमतर दिखाया जाए, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।”
उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता और एकता में निहित है। कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से नागालैंड तक हर भारतीय समान सम्मान, अधिकार और राष्ट्रीय पहचान रखता है। इस प्रकार की टिप्पणियाँ सामाजिक विभाजन और पूर्वाग्रह को बढ़ावा देती हैं, जिसकी राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन कड़े शब्दों में निंदा करता है।
संगठन ने सुनिल पाल से पूरे देश, विशेष रूप से नागालैंड एवं पूर्वोत्तर भारत के लोगों से स्पष्ट और बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है। साथ ही भविष्य में सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील भी की गई है।
सोहन गिरी ने कहा कि “देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रसिद्ध क्यों न हो, उसे भारत के किसी भी राज्य या नागरिक के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है।”

