चुनाव बंगाल का और प्रसंग महाभारत की द्रौपदी का

चुनाव बंगाल का और प्रसंग महाभारत की द्रौपदी का

नन्द किशोर जोशी

एक्जिक्यूटिव एडिटर

क्रांति ओडिशा मीडिया

 

बंगाल चुनाव में महाभारत की किरदार द्रौपदी की प्रतिज्ञा प्रसंग रही।राजसभा में जब पांडु पुत्र जुए में हार गये ,तब कौरव पुत्र दुसाशन ने द्रौपदी की इज्जत से खिलवाड़ करने का भरसक प्रयास किया। लेकिन कृष्ण भगवान सहाय हुए और द्रोपदी की इज्जत बच गई।

द्रौपदी ने तब राजसभा में शपथ ली और बोली मैं बाल तब तक खुला रखूंगी,जब तक दुसाशन के खून से इसे नहीं सींचूं।अंत में भीम ने दुसाशन का वध किया और द्रोपदी का प्रण पूरा हुआ।

वैसे ही इसबार के बंगाल विधानसभा चुनाव में पानिहाटि विधानसभा क्षेत्र से भाजपा से खड़ी हुई रत्ना देवनाथ।ये वही रत्ना देवनाथ हैं,जिनकी बेटी और मेडिकल कॉलेज छात्रा अभया का आर जि कर मेडिकल कॉलेज में बलात्कार हुआ और हत्या हुई।

आर जि कर मेडिकल कॉलेज में अभया के साथ बलात्कार, हत्या को बंगाल में विपक्षियों, बुद्धिजीवियों की तरफ से ममता विरोध में मुख्य प्रसंग किया गया। बंगाल में अभया को न्याय मिले प्रसंग पर जनता आक्रोशित हुई, सड़कों पर उतरी । ममता के पानिहाटि टिएमसि विधायक निर्मल घोष ने बिना अभया के मां बाप की अनुमति के शव का अंतिम संस्कार किया।रत्ना देवनाथ को बेटी के अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं लेने दिया। विधायक निर्मल घोष की जगह उनके बेटे तिर्थांकर घोष टिएमसि से खड़े हुए, ममता ने डरकर बाप की जगह बेटे को टिकट दिया।

तब रत्ना देवनाथ ने प्रण किया कि मैं तब तक सिर के बालों को नहीं संवारुंगी , अर्थात बालों को खुला रखूंगी,जब तक ममता का पतन न हो जाये। रत्ना देवनाथ पानिहाटि विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार रही। मोदीजी प्रचार में आये ।अभया की मां रत्ना देवनाथ जीती , ममता खुद हारी ,टिएमसि हारी। रत्ना देवनाथ का प्रण पूरा हुआ, द्रौपदी की तरह। रत्ना देवनाथ को सिर के खुले बालों को संवारने का मतदाताओं ने मौका दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *