भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने अमुंडी एसेट मैनेजमेंट एस.ए.एस (अधिग्रहणकर्ता) और आईसीजी पीएलसी (लक्ष्य) के बीच प्रस्तावित संयोजन को मंजूरी दे दी है।
प्रस्तावित संयोजन में, दूसरी बातों के साथ-साथ, अधिग्रहणकर्ता द्वारा लक्ष्य कंपनी के वोटिंग शेयर कैपिटल का 4.64% ऑन-मार्केट खरीद के जरिए खरीदना, साथ ही लक्ष्य के बोर्ड में एक निदेशक को नामित करने का अधिकार और उसके बाद अधिग्रहणकर्ता द्वारा लक्ष्य के कैपिटल के 5.26% तक के नॉन-वोटिंग इंस्ट्रूमेंट्स का सब्सक्रिप्शन शामिल है।
अधिग्रहणकर्ता एक फ्रांस की संयुक्त-स्टॉक परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी है, जो अपने रिटेल, संस्थागत और कॉर्पोरेट क्लाइंट्स को ट्रेडिशनल और रियल एसेट्स में एक्टिव और पैसिव मैनेजमेंट में बचत और निवेश समाधानों की पूरी रेंज देती है।
अधिग्रहणकर्ता की भारत में कोई प्रत्यक्ष मौजूदगी नहीं है। यह एक माइनॉरिटी संयुक्त उपक्रम एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के ज़रिए अप्रत्यक्ष रूप से मौजूद है, जो म्यूचुअल फंड उत्पादों, अंतर्राष्ट्रीय निवेश समाधानों, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स मैनेजमेंट सेवाओं, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सेवाओं समेत परिसंपत्ति प्रबंधन सेवाएं देने का काम करती है और भारत में अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स चलाती है।
लक्ष्य एक वैकल्पिक परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी है और दुनिया भर में पांच संपत्ति श्रेणियों में काम करती है-(i) प्राइवेट कंपनियों के लिए स्ट्रक्चर्ड कैपिटल सॉल्यूशंस, (ii) प्राइवेट इक्विटी एसेट्स में इन्वेस्टमेंट, (iii) रियल एसेट्स, (iv) प्राइवेट डेट, और (v) प्राइमरी और सेकेंडरी क्रेडिट मार्केट में इन्वेस्टमेंट।
आयोग का विस्तृत आदेश बाद में आएगा।

