ऋषि सनातन संघ का शंखनाद

भदोही | २७ जनवरी, २०२६ : आज जनपद भदोही में ऋषि सनातन संघ के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई, जिसमें सनातन संस्कृति की रक्षा और सवर्ण समाज के हितों पर निर्णायक चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के संस्थापक एवं राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्यश्री रतन वशिष्ठ जी महाराज ने की एवं संचालन अंतर्राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री कृपाशंकर यादव जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर भारतीय सवर्ण संघ, हिन्दू महासभा, सनातन सेना सहित अनेक सवर्ण और सनातनी संगठनों ने पूज्य महाराज जी को अपना पूर्ण समर्थन दिया और एक मंच पर एकजुट होने का संकल्प लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री अभिषेक सिंह जी ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यूजीसी द्वारा लाए जा रहे कानून प्रत्यक्ष रूप से सवर्ण वर्ग को लक्षित कर उन्हें हाशिए पर धकेलने का प्रयास हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ‘बटोगे तो कटोगे’ का संदेश देती है, तो उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि कानून की नजर में सवर्णों के साथ असमानता न हो। साथ ही, उन्होंने प्रशासन द्वारा ब्राह्मणों और संतों पर किए जा रहे अत्याचारों के लिए शासन से बिना शर्त माफी की मांग की। इसी क्रम में राष्ट्रीय संयोजक श्री सत्यम सिद्ध जी ने चेतावनी दी कि जब तक एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट जैसे विभाजनकारी कानूनों को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक समाज में पूर्ण एकता संभव नहीं है।

कार्यक्रम के अंत में पूज्यश्री रतन वशिष्ठ जी महाराज ने स्वयं अपने हाथों से जिलाधिकारी भदोही को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, माननीय राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित इस ज्ञापन में सवर्णों के संरक्षण, कानूनी समानता और प्रशासनिक जवाबदेही की पुरजोर मांग की गई। महाराज जी ने अत्यंत सख्त और स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि सवर्णों का दमन और संतों का अपमान बंद नहीं हुआ, तो इसके परिणाम भारतीय जनता पार्टी और वर्तमान सरकार के लिए अत्यंत बुरे हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सवर्ण समाज अब चुप नहीं बैठेगा और यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आगामी समय में सरकार को इसका भारी राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। आपको ज्ञात हो कि यही महाराज श्री ने श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने संबंधी सटीक भविष्यवाणी 2011 में ही कर दी थी और उन्होंने पुनः एक भविष्यवाणी किया है कि यदि यह सब कानून वापस नहीं लिया गया तो इस सरकार को गिरने से कोई बचा नहीं पाएगा
इस दौरान ऋषि सनातन संघ के समस्त पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन करते हुए महाराज जी के नेतृत्व में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और भारी संख्या में कार्यकर्ताओ ने एक स्वर में सवर्णों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करने की शपथ ली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *