१९४५ के आम चुनाव में तीन राज नैतिक पार्टिया , कांग्रेस मुस्लिम लीग व हिंदू महासभा मैदान आई में थे। मुस्लिम लीग भारत के बटवारे के लिए मुस्लिम राष्ट्र पाकिस्तान की माँग कर रही थी- हमारा इस्लाम धर्म हमे काफिर हिन्दुवो के साथ रहने की इजाजत नहीं देता इस लिए हमे इस्लामिक राष्ट्र पाकिस्तान चाहिए। आज के भारत के १०० प्रतिशत मुसलमानो ने मुस्लिम लीग को वोट दिया ।एक मात्र फ्रंटियर प्रोविंस के मुसलमानों ने पाकिस्तान माँग का विरोध किया। आज के भारतवर्ष के १००प्रतिशत मुसलमानो ने मुस्लिम लीग की पाकिस्तान माँग का समर्थन किया । जिन्ना को बंबई से जिताया ।
पाकिस्तान के प्रधान मंत्री लियाक़त अली ख़ान को मुरादाबाद से जिताया । जिन्ना के बाद मुस्लिम लीग के अध्यक्ष बने चौधरी ख़ालिकुज़म्मान को लखनऊ के मुसलमानो ने जिताया । जिन्ना कहते थे , मेरे हाथ में में एक बंदूक है ,इससे मैं भारत वर्ष को बर्बाद कर दूँगा या भारत वर्ष का विभाजन करूँगा । जिन्ना की बंदूक थी भारत वर्ष के शतप्रतिशत मुसलमान जो जिन्ना के पीछे थे और उसके आदेश पर कुछ भी करने को तैयार थे । कलकत्ते में ग्रेट कोलकत्ता हिन्दू नरसंहार किया ।सारे भारत में हिन्दुवो की हत्याए की और गांधी जी को मजबूर कर दिया की वे अपनी प्रतिज्ञा “ देश का बटवारा मेरी लाश पर होगा” तोड़े और देश का बटवारा कर मूसलमानो के लिए मुस्लिम राष्ट्र पाकिस्तान निर्माण हो । गांधी जब भारत को एक रखने में हार गये तब उन्होंने कांग्रेस की सांझी संस्कृति का भारत नहीं बना कर बिशुद्ध हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा दिखायी ।
गांधी ने हिंदू महा सभा के अध्यक्ष वीर सावरकर से अनुरोध किया की वे हिंदू महा सभा का एक प्रति निधि दे। वीर सावरकर ने हिंदू महासभा का प्रतिनिधि डॉ . श्यामा प्रसाद मुखर्जी को बनाया व वे नेहरू मंत्री मंडल के सदस्य बने । गांधी ने डॉ भीम राव अंबेडकर को केंद्रीय मंत्री मंडल में लिया ताकि जिन्ना की माग के हिसाब से जनसंख्या की अदला बदली की मशीन यानी गांधी खंडित भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते थे । पाकिस्तान के इस्लामिक राज्य के सामने भारत हिंदू राष्ट्र के रूप मेही जीवित रह सकता था। कांग्रेस में प्रवेश करके पाकिस्तान बनाने वाले मौलाना आज़ाद ने यदि सुभाष फ़ज़लूल हक़ समझौता नहीं तुड़वाया होता तो मुस्लिम लीग इतनी ताक़तवर नही बनती की ग्रेट कलकत्ता हिंदू किलिंग या नोवाखाली हिंदू किलिंग कर पाकिस्तान बनवा सकती । माउंटबेटन ने ८-८-४७ को गोपनीय एवं व्यक्तिगत रिपोर्ट में कुछ कौतुक प्रद घटनावो का जिक्र किया है”(४९) … मुझे पता चला है गांधीजी ने मौला आज़ाद को कम उम्रवालो के लिए जगह छोड़ देने को लिखा हैया उनका कांग्रेस के प्रति अच्छा आचरण साबित होगा किंतु वरिष्ठ मौलाना ने अब तक इस इशारे को स्वीकार नहीं किया और उनके स्वयं नहीं छोड़ने से कोई भी उन्हें बाहर नहीं कर सकता ओरिस्थत १७५, भवानी प्रसाद चट्टोपाध्याय लिखित पुस्तक क्या देश का विभाजन अनिवार्य था सेगांधी नेहरू के मतभेद सामने आने लगे । पाकिस्तान को बंटवारे में उनके हिस्से का ७५ करोड़ मिला ।
२० करोड़ की पहली किश्त पाकिस्तान को देने के बाद ५५ करोड़ की दूसरी किस्त नेहरू ने रोक दी ताकि गांधी पाकिस्तान जाकर जिन्ना की माँग के हिसाब से जनसंख्या की अदला बदली का समझौता नहीं कर सके । जिन्ना ने नौवा ख़ाली हिंदू नरसंघार के समय स्पष्ट किया था की पाकिस्तान में कोई हिंदू नहीं रह सकता। यदि यह हुवा तो हमारा इस्लामिक पाकिस्तान राष्ट्र का उद्देश्य पूरा नहीं होगा । एक ऐसी ब्यवस्था की जाय कि शांतिपूर्ण ढंग से जनसंख्या की अदला बदली हो जाए । नेहरू १९५२ का चुनाव जीतना चाहते थे हिंदू महासभा को १ १९४५के चुनाव में १६ प्रतिशत हिंदू वोट मिले थे । देश का विभाजन कर कांग्रेस ने देश के हिन्दु वो के साथ विश्वास घात किया था । कांग्रेस का हिंदू महासभा से हारना निश्चित था । नेहरू ने मौलान आज़ाद को जामा मसजिद पर भेज कर पाकिस्तान जाने वाले मुसलमानो को रुकवाया । भारत में ७. ५प्रतिशत मुसलमान रह गए ।उत्तरप्रदेश में १४ प्रतिशत मुसलमान और पश्चिम बंगाल में १८ प्रतिशत मुसलमान रह गए । जो कांग्रेस की ज जिताते थे गांधी हत्या में हिंदू महा सभा के वीर सावरकर को फँसाकर हिन्दू महासभा के ५० हज़ार कार्य कर्ताओं को गांधी हत्या में फँसा कर जेल में डाल दिया । सरदार पटेल के अनुसार गांधी हत्याकांड में १० व्यक्ति शामिल थे उसमे ८ को गिरफ़्तार किया गया ह लेकिन नेहरू ने हिंदू महासभा के ५०००० कार्य करता को जेल में डाल दिया। गांधी हत्या हिंदू महासभा आरएसएस का सत्ता प्राप्ति का पहला कदम था ।
नेहरू ज़िरतबमेवरमणित नेहरू प्रमाणित नहीं कर सका सावरकर व गुरु जी गांधीन को मारा सावरकर के मामले में जज आत्मा चरण न आदेश दिया इस बार एम की जाँच की जानी चाहिए सावरकर का नाम इस हत्या कांड में किसने फ़साया इस तरह गांधी को मरवा ककर नुसलमानों को भारत में रख कर नेहरू १८५२ का चुनाव जीत गया।जामा मस्जिद पर नुसकमानों को पाकिस्तान जाने से रोकते हुवे मौलाना आज़ाद ने कहा आपाकिस्तान मत जावो तुम्हारे पुरखों बी हिंदुस्तान पर राज किया है यहाँ रहो और अपनी जनसंख्या बढ़ा कर एक दिन हिंदुस्तान नमें इस्लामिक राज क़ायम करो।

