बाम पंथियों का मंदिर से लेकर अदालत तक अत्याचार व ग़ज़ब की न्याय ब्यवस्था – इंजीनियर श्याम सुंदर पोद्दार, राष्ट्रीय संयोजक, ऐतिहासिक सती मंदिर बचाओ कमेटी

राजस्थान में रूपकंवर के सती बनने पर कलकत्ते में वामपंथी सरकार थीकम्युनिस्ट पार्टी के सांसद कामरेड गुरुदास दासगुप्त के नेतृत्व में ३०० कामरेड ने कांकूर गांछी के रानी सती मंदिर पर हमला किया उस दिन माँगशिर बदी नवमी थी मंदिर पूरी तरह महिला पुरुष व बालक भक्तोंसेभरा था दासगुप्ता ने मंदिर के सभी दरवाजे बंद कर दिए उसके ३०० कार्यकर्ता मंदिर में प्रवेश कर स्त्री पुरुष बच्चो पर लाठी रॉड से प्रहार करने लगे पुलिस ने डायरी लेने से मना कर दिया इसके बाद ज्योति बसु ने भीषण प्रहार किया ५० वर्षों से निकल रही रानी सती जी की शोभायात्रा को प्रतिबंधित कर दिया राजस्थान सरकार नेराजस्थान के सभी सती मंदिरों को आदेश दिया आपके मंदिर मेंआगामी अमावस्या को पूजा नहीं होगी रानी सती मंदिर झुंझनु पहले न्यायालय गया अशोक सेन ने केश को लड़ा फिर झुंझनु के खेतानों का सती मंदिर न्यायालय गया वकील वे ही अशोक सेन यहाँ वामपंथी महिलावो ने प्रदर्शन किया इस प्रदर्शन से घबड़ाकर न्यायाधीश आदेश देता है तुम्हारे मंदिर में भक्त पूजा नहीं कर सकता सिर्फ़ पुजारी पूजा करेगा तीसरा बगड़ का रुंगटा सती मंदिर न्यायालय गया वकील वही अशोक
सेन वामपंथी महिला ने न्यायालय मेप्रदर्शन किया न्यायाधीश महोदय बी आदेश दिया तुम्हारे मंदिर को बंद कर दो पुजारी न भक्त पूजा कर सकता बम पंथी महिलावो को संतोष नहीं था झुंझनु रानी सती मंदिर में कोर्ट के आदेश से पूजा चल रही थी वे न्यायालय में गई हिंदू धर्म में भगवान को वस्त्र चढ़ाये जाते है बंगाल में काली माँ कोसाड़ी चढ़ायी जाती है वही राजस्थान का महीलावो का पहरावा घाघरा व चुनड़ी का है बबाम पंथी महिला संघठन कोर्ट में गया और कहा रानी सती मंदिर में चुनड़ी चड़ायी जाती है न्यायाधीश महोदय बी उनकी मागमान ली वव रानीसती को चुनड़ी चढ़ाना बंद कर दिया केंद्र सरकार ने सती कानून में परिवर्तन कर दिया की पुराने सती मंदिरों में जैसे पूजा होती है होती रहेगी उसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने अपना चुनड़ी वाला आदेश वापस नहीं लिया.

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