जलती रहे झुंझनु वाली जोत तेरी जलतीं रहे,जलती रहे शेरावाली जोत तेरी जलती रहे —इंजीनियर श्याम सुंदर पोद्दार, राष्ट्रीय संयोजक, एतिहासिक सती मंदिर बचावो कमेटी

१९८७ में,राजस्थान के सीकर जिले के देवरा ला गांव में रूपकंवर सती हुयी वामपंथियों ने इतना शोर मचाया भारत सरकार ने सती प्रिवेंशन क़ानून बनाया इस क़ानून की आड़ में हमारे सभी ५४ सती पीठों को सदा सदा कैलिए बर्बाद करना था तथा मुस्लिम काल में जो सती शहीद हुवी महिलायें है उनकी स्मृति में जो राजस्थान में मंदिर बने है उन्हें तोड़ना था सती प्रिवेंशन कानून की धारा ७ में कहा गया २० वर्ष से पुराने चाहे ५००० वर्ष पुराने सती मंदिरों को राज्य सरकार तोड़ेगी हम कुछ युवकों ने इस काले क़ानून के ख़िलाफ़ऐतिहासिक सती मंदिर बचावो कमेटी का गठन किया लंबी लड़ाई लड़ी बसंत महोत्सव रानी सती मंदिर झुंझनु का करवाया सतियो का कीर्तन भजन जी बंद हो गया था वह फिर से आरंभ हुआ लोगो मेक्सहिम्मत आई रानी सती दादी की शोभायात्रा को ज्योति बसु सरकारने बंद कर दिया था वह बिना सरकारीअनुमतिके आरम्भ की राजस्थान में जन जागरण करते समयऐतिहासिक सती मंदिर बचावो कमेटी के कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया बहुत पीटा गया अंत में भारत सरकार मजबूर हो गई सती प्रिवेंशन कानून में बदलाव करने को की २० वर्ष पुराने सती मंदिरों में पूजा होती रहेगी तथा हमारे सभी सती पीठ कालीघाट कामाख्या राजस्थान के सती शहीदो के मंदिर बच गए ।

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