
नेहरू नहीं चाहते थे जिन्ना की माँग हिंदू मुस्लिम जनसंख्या की अदला बदली हो इसलिए नेहरू ने पहले तो पाकिस्तान को मिलने वाला ५५ करोड़ रुपया रोका गांधी ने अनशन करके नेहरू को मजबूर कर दिया पाकिस्तान को ५५ करोड़ रुपयामिल गया गांधी जिन्ना से ४ फरवरी १९४८ को मिल नहीं सके व जनसंख्या की अदला बदली पर समझौता नहीं हो सके इसके पहले नेहरू गांधी को मरवा देते है यदि गांधी मारे नहीं जाते तो पाकिस्तान में जिन्ना ने २० लाख हिन्दुवों को मरवाया वह नहीं होता तथा हिंदू मुस्लिम जनसंख्या की अदला बदली हो जाती हमारे संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द नहीं था इस लिए नेहरू ने हिंदुस्तान में रख दिए मुसलमानों को बचाने के लिए नेहरू लियाकत अली समझौता किया हिंदुस्तान मे तो मुसलमानों की जनसंख्या ७ प्रतिशत से बढ़ कर २० प्रतिशत हो गई पाकिस्तान में रह गए २४ प्रतिशत हिंदू आज १ प्रतिशत से नीचे आगये नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी राजीव गांधी सोनिया गांधी ने कभी भी पाकिस्तान के नेहरू लियाकत अली समझौते के उलंघन वी हिंदू नरसंघार पर कभी भी कुछ नहींकहा । कांग्रेस सत्ता में इस लिए आई थी की देश के ८६प्रतिशत हिंदुओं ने कांग्रेस को १९४५ के चुनाव में वोट दिया व ५४ सीट दी देश के १०० प्रतिशत मुसलमानों ने मुस्लिम लीग को वोट दिया व सारी ३० मुस्लिम सीट मुस्लिम लीग को जीता दी मुस्लिम लीग ने इसी ताक़त बजे चलते देश का विभाजन कर पाकिस्तान बनाया नेहरू जानते थे गांधी मारे जाएँगे उसके बाद उन्हें क्या करना है उन्होंने सावरकर के अंग रक्षक अप्पा कासर को गिरफ़्तार कर लिया ताकि सावरकर को मारा जा सके सावरकर उनपर नेहरू के गुण्डों के प्राण घातक हमले से बच गए तब नेहरू ने सावरकर को गांधी हत्या कांड में फसाया जज आत्मा चरण ने सावरकर को बेकसूर कह कर मुक्त करते हुए सरकार को आदेश दिया सावरकर ने देश के लिए बहुत भुगता है इस बात की इंक्वारी करे गांधी हत्या कांड में सावरकर का नाम क्यो घसीटा गया नेहरू ने जज आत्मा चरण के आदेश का अपमान किया और कुछ नहीं किया.

