ई-सेवाओं को अधिक से अधिक अपनाकर तथा तेजी से शिकायत निवारण करके सीपीजीआरएएमएस-आरटीएस लिंकेज समयबद्ध सेवा वितरण को मजबूत करेगा

शिकायत निवारण की गुणवत्ता में सुधार और लोक शिकायतों के निवारण में नागरिक संतुष्टि के लिए माननीय प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुसरण में, डीएआरपीजी आरटीएस संरचना के तहत शिकायत निवारण में बढ़ी हुई पर्यवेक्षी निगरानी के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के सेवाओं का अधिकार आयुक्तों के साथ सहयोग कर रहा है। 30 मई 2025 को डीएआरपीजी के सचिव श्री वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में डीएआरपीजी ने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर प्राप्त भूमि, श्रम, पर्यावरण और बैंकिंग से संबंधित 204000 लोक शिकायतों की मैपिंग प्रस्तुत की और आरटीएस आयुक्तों से समय पर निवारण सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया। वर्तमान में राज्य एनईएसडीए ढांचे के तहत 20,000 से अधिक ई-सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। राज्य विशिष्ट सेवा वितरण से संबंधित जन शिकायतों की मैपिंग से सेवाओं के आरटीएस कवरेज की व्यापक समीक्षा संभव होगी और समयबद्ध शिकायत निवारण सुनिश्चित हो सकेगा। डीएआरपीजी राज्य शिकायत अधिकारियों की प्रभावी पर्यवेक्षी निगरानी के लिए दो पोर्टलों के एपीआई लिंकेज के माध्यम से केन्द्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) पोर्टल पर प्राप्त सेवा संबंधी शिकायतों को आरटीएस आयोगों के साथ साझा करेगा।

 

राज्य स्तरीय शिकायतों के समय पर समाधान में आरटीएस आयोगों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, सचिव डीएआरपीजी ने राज्य आयोगों से अनुरोध किया कि वे सीपीजीआरएएमएस पर डीएआरपीजी द्वारा पहचाने गए भूमि, श्रम, वित्त और पर्यावरण के चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नागरिक शिकायतों की जांच अपने आरटीएस कानूनों की अधिसूचित सेवाओं के साथ करें। सीपीजीआरएएमएस-आरटीएस लिंकेज के लिए पायलट परियोजना हरियाणा आरटीएस आयोग द्वारा लागू की जाएगी।

राज्यों के समर्थन का लाभ उठाने और ई-सेवाओं को बढ़ाने के लिए रोडमैप को परिभाषित करने में आरटीएस आयोगों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए, सेवा वितरण में सुधार और शिकायतों के निवारण के लिए उन्हें डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए डीएआरपीजी की राज्य सहयोग पहल (एससीआई) के तहत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए भी आमंत्रित किया गया था। अनिवार्य ई-सेवाओं की सूची में राज्यों के साथ परामर्श करके उनमें उचित संशोधित किया जाएगा। यह पहल डिजिटल परिवर्तन और कुशल सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए भारत सरकार की व्यापक कल्‍पना के अनुरूप है, जो नागरिकों को सशक्त बनाने और शासन के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए चल रहे प्रयासों को दर्शाती है।

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