हिंदू जनजागृति समिति ने की मुंबई सहायक पुलिस आयुक्त को शिकायत

  • झूठी शिकायतों के माध्यम से हिंदुओं को परेशान करनेवाली तीस्ता सेटलवाड और ‘सी.जे.पी.’ संस्था पर कार्रवाई करे !

मुंबई – हिंदू संगठनों, हिंदुत्वनिष्ठ नेताओं और हिंदू जनजागृति समिति के विरुद्ध झूठी शिकायतें दर्ज कर पुलिस तंत्र के दुरुपयोग करनेवाली तीस्ता सेटलवाड और उनकी संस्था ‘सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस’ (सी.जे.पी.) के विरोधमें कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग हिंदू जनजागृति समिति ने की है। इस संबंध में मुंबई के सहायक पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) श्री. सत्यनारायण चौधरी को शिकायत सौंपी गई ।

शिकायत दर्ज कराने के दौरान हिंदू जनजागृति समिति के मुंबई जिला समन्वयक श्री. बळवंत पाठक, भूमिपुत्र सामाजिक संस्था के अध्यक्ष श्री. सुभाष अहिर, मानव सेवा प्रतिष्ठान के संस्थापक अध्यक्ष श्री. विनायक शिंदे, श्री परशुराम तपोवन आश्रम (वसई) के सदस्य श्री. संदीप तुळसकर, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के संगठक श्री. विलास निकम, हिंदू जनजागृति समिति के रणरागिणी शाखा की श्रीमती स्नेहल गुरव और राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति के अधिवक्ता अनिश परळकर उपस्थित थे।

‘सी.जे.पी.’ संस्था की गतिविधियों के पीछे देश एवं हिंदू विरोधी षडयंत्र का संदेह : ‘सी.जे.पी.’ संस्था द्वारा हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों और नेताओं के विरोधमें झूठी शिकायतों की एक श्रृंखला खड़ी कर समाज में वैमनस्यता फैलाई जा रही है। इन गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग ली गई है या नहीं, तथा इस के पिछे डिप स्टैट’ अथवा अर्बन नक्सलवादीओंका देश एवं हिंदू विरोधी षड्यंत्र तो नही है ना, इसकी जांच होनी चाहिए।

तीस्ता सेटलवाड़ पर पहले से ही गंभीर आरोप : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधमें किये थे झूठे आरोप लगाना, अदालत में झूठे सबूत प्रस्तुत करना और गवाहों को गलत गवाही देने के लिए उकसाना, आर्थिक अनियमितताएं और विदेशी फंडिंग में तीस्ता सेटलवाड़ एवं उनकी संस्था पर गंभीर घोटाले के आरोप हुए है ।

हिंदुओं पर झूठी शिकायतें दर्ज कर उत्पीड़न : हिंदू संगठनों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है, जिसमें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(अ) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी शामिल है। हिन्दू जनजागृति समिति की गतिविधियों के कारण कभी भी कानून और व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हुई है।

शिकायत की प्रति महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री, गृह सचिव और माहिम पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को भी भेजी गई है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *