कृषि क्षेत्र में पैदावार उपरांत होने वाले नुकसान

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) ने नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (नैबकॉन्स) के माध्यम से 2020-22 संदर्भ वर्ष के लिए 2022 में “भारत में कृषि उपज की कटाई के बाद होने वाले नुकसान का परीक्षण” नामक एक अध्ययन शुरू किया था। इस अध्ययन में परिवहन के दौरान खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के अनुमानित नुकसान का विवरण इस प्रकार है:

 

 

श्रेणी

अनुमानित हानि (प्रतिशत)
फार्म स्तर पर बाज़ार स्तर पर
फल 0.27-1.41 0.50-1.30
सब्ज़ियाँ 0.11-0.85 0.12-1.57
दूध 0.21 0.12
अंडा 0.30 0.39
मांस 0.02
कुक्कुट मांस 0.02
अंतर्देशीय मछली 0.14 0.14
समुद्री मछली 0.42 0.52

 

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने फसल उपरांत नुकसान में कमी, मूल्य संवर्धन आदि सहित खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए फसल उपरांत बुनियादी ढांचे और प्रसंस्करण सुविधाओं का निर्माण करने हेतु 2016-17 से केंद्रीय क्षेत्र की व्‍यापक योजना-प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) को लागू किया है। पीएमकेएसवाई के तहत घटक योजनाएं हैं (i) मेगा फूड पार्क (घटक को केवल प्रतिबद्ध देनदारियों के प्रावधान के साथ 01.04.2021 से बंद कर दिया गया है) (ii) एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्य संवर्धन बुनियादी ढांचा, (iii) कृषि प्रसंस्करण क्लस्टरों के लिए बुनियादी ढांचा, (iv) बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का सृजन (घटक को 1 अप्रैल 2021 से बंद कर दिया गया है) (v) खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमता का सृजन/विस्तार और (vi) ऑपरेशन ग्रीन्स। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण/संरक्षण अवसंरचना की स्थापना के लिए अनुदान के रूप में ऋण से जुड़ी वित्तीय सहायता (पूंजी सब्सिडी) प्रदान करता है, जिसमें अन्य बातों के अलावा, फसल की कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कोल्ड स्टोरेज भी शामिल हैं। पीएमकेएसवाई के तहत 31 अक्टूबर, 2024 तक 1187 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अलावा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने भी जुलाई 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) योजना शुरू की है, ताकि फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे में सुधार हो और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियां बनाई जा सकें। एआईएफ योजना बैंकों और अन्य ऋण देने वाली संस्थाओं द्वारा शीत भंडारण सुविधाओं, गोदामों और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए मध्यम से लंबी अवधि के ऋणों की मंजूरी की सुविधा प्रदान करती है, जिसका उद्देश्य फसल की बर्बादी को कम करना और मूल्य संवर्धन को बढ़ाना है।

(ख) नैबकॉन्स द्वारा वर्ष 2020-22 के संदर्भ में 2022 में किए गए उपर्युक्त अध्ययन के अनुसार, विभिन्न वस्तुओं के लिए फसल उपरांत अनुमानित मौद्रिक हानि निम्नानुसार है:

 

श्रेणी अनुमानित मौद्रिक हानि

(करोड़ रुपए में)

अनाज 26000.79
दालें 9289.21
तिलहन 10924.97
फल 29545.07
सब्ज़ियाँ 27459.08
बागान फसलें 16412.56
पशुधन उत्पादन 29871.41
अंडे 3287.32

 

अनाज, दालें, तिलहन, फल ​​और सब्जियों के फसल-विशिष्ट आंकड़े अनुलग्नक में हैं। यह जानकारी केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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