नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है

भारत सरकार पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति को देखते हुए प्रमुख क्षेत्रों में तैयारी और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से तत्पर है। निम्नलिखित अद्यतन जानकारी ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को सहायता प्रदान करने के लिए इन क्षेत्रों में किए जा रहे उपायों के बारे में बताती है:

ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता

होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सहित बदलती स्थिति को ध्यान में रखते हुए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सुचारू और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय करना जारी रखे हुए है। मंत्रालय के अनुसार:

जन परामर्श एवं नागरिकों में जागरूकता

  • सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी करने के साथ-साथ एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग से बचें।
  • नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
  • एलपीजी के लिए, नागरिकों से अनुरोध है कि वे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और जब तक आवश्यक न हो एलपीजी वितरकों के पास जाने से बचें।
  • नागरिकों को जहां तक संभव हो, पीएनजी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • वर्तमान स्थिति में, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक प्रयास करें।

सरकार की तैयारी और आपूर्ति के लिए प्रबंधन उपाय

  • इस युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद, सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
  • सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई युक्तियुक्त उपाय पहले ही लागू किए हैं जिनमें रिफाइनरी में उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
  • एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन विकल्प पेश किए गए हैं।
  • कोयला मंत्रालय ने पहले ही कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं को कोयला वितरित करने के लिए राज्यों को अधिक मात्रा में कोयला आबंटित करने का आदेश जारी कर दिया है।
  • राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शनों को सुगम बनाने की सलाह दी गई है।
  • हाल ही में, सचिव, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अपर मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति) के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए उपायों के बारे में बताया गया। राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे एलपीजी वितरण को प्राथमिकता दें, विशेष रूप से घरेलू और आवश्यक जरूरतों के लिए, साथ ही जमाखोरी, हेराफेरी और गलत सूचना पर निगरानी रखें। प्रवासी श्रमिकों को एफटीएल एलपीजी आपूर्ति से संबंधित रिपोर्टों पर राज्यों ने स्पष्ट किया कि एलपीजी आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं है जिससे प्रवासी प्रभावित हों और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। सचिव ने बताया कि राज्य स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर ओएमसी के साथ मिलकर 5 किलो एफटीएल एलपीजी सिलेंडरों के लक्षित वितरण का प्रबंधन करने पर विचार कर सकते हैं।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और संस्थागत तंत्रों के साथ समन्वित प्रयास

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत, राज्य सरकारों को जमाखोरी और कालाबाजारी के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की निगरानी और विनियमन में प्रमुख भूमिका निभानी होगी। भारत सरकार ने कई पत्रों और वीसी के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इस बात की पुष्टि की है।
  • सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी मुख्य सचिवों, अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिवों से अनुरोध है कि वे निम्नलिखित कार्य करें:
    • राज्य/जिला स्तर पर दैनिक प्रेस ब्रीफिंग को संस्थागत रूप देना और नियमित रूप से सार्वजनिक सलाह जारी करना।
    • समर्पित नियंत्रण कक्ष/हेल्पलाइन स्थापित करना।
    • सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों/गलत सूचनाओं की सक्रिय रूप से निगरानी करना और उनका मुकाबला करना।
    • जिला प्रशासन द्वारा दैनिक प्रवर्तन अभियानों को तेज करना और ओएमसी के समन्वय से छापे और निरीक्षण जारी रखना।
    • अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी आबंटन आदेश जारी करना।
    • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आबंटित अतिरिक्त उच्च गुणवत्ता वाले केरोसिन तेल (एससीओ) के आबंटन के लिए आदेश जारी करना।
    • सीजीडी के विस्तार को गति देने के लिए आरओडब्ल्यू/आरओयू अनुमतियों में तेजी लाना, 24×7 कार्य करने की अनुमति देना।
    • पीएनजी और वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने को बढ़ावा देना।
    • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) के साथ समन्वय हेतु वरिष्ठ नोडल अधिकारियों को नामित करना।
  • सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जमाखोरी/कालाबाजारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला निगरानी समितियां स्थापित की हैं।
  • भारत सरकार ने दिनांक 27.03.2026 और 02.04.2026 के पत्रों के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से अनुरोध किया है कि वे सक्रिय और नियमित जनसंपर्क को तेज करें, उचित वरिष्ठ स्तर पर दैनिक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करें और साथ ही सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सटीक जानकारी का समय पर प्रसार करें ताकि गलत सूचनाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके और नागरिकों को एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू वितरण के बारे में आश्वस्त किया जा सके।
  • वर्तमान में, 22 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्रेस ब्रीफ जारी कर रहे हैं।

प्रवर्तन और निगरानी कार्रवाइयां

  • एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। मार्च से अब तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और पीएसयू ओएमसी के अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं।
  • पीएसयू ओएमसी के अधिकारियों को जमाखोरी/कालाबाजारी की किसी भी घटना को रोकने के लिए औचक निरीक्षण की प्रणाली को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है।
  • पीएसयू ओएमसी ने अब तक एलपीजी वितरकों को 1400 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा, अब तक 36 एलपीजी वितरणों को निलंबित किया जा चुका है।

एलपीजी आपूर्ति

घरेलू एलपीजी आपूर्ति की स्थिति:

  • एलपीजी वितरकों में आपूर्ति बंद होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।
  • कल उद्योग के आधार पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई है।
  • वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी को 53 प्रतिशत (फरवरी-2026) से बढ़ाकर कल 90 प्रतिशत कर दिया गया है
  • कल 51 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।

वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति और आबंटन उपाय:

  • भारत सरकार ने दिनांक 01.04.2026 के आदेश के माध्यम से भारत में पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित रिफाइनिंग कंपनियों को उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र (सीएचटी) द्वारा निर्धारित विशिष्ट मात्रा और रिफाइनरी स्रोत के आधार पर फार्मास्यूटिकल्स विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग आदि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए सी3 और सी4 स्ट्रीम की कुछ न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराने की अनुमति दी है।
  • भारत सरकार ने कुल वाणिज्यिक आबंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक आवंटित करने का निर्णय लिया है। इसमें 10 प्रतिशत सुधार-आधारित आबंटन शामिल है।
  • कल 90,000 से अधिक 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे गए हैं।
  • 23 मार्च 2026 से अब तक लगभग 6.6 लाख – 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
  • 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर नजदीकी एलपीजी वितरकों के यहां उपलब्ध हैं और इन्हें कोई भी वैध पहचान पत्र दिखाकर खरीदा जा सकता है। पते का कोई प्रमाण आवश्यक नहीं है।
  • आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति, राज्य के अधिकारियों और उद्योग निकायों के परामर्श से, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री की योजना को अंतिम रूप देती है।
  • 14 मार्च 2026 से अब तक कुल 78833 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हो चुकी है।

प्राकृतिक गैस आपूर्ति और पीएनजी के विस्तार की पहल

  • डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
  • चालू यूरिया संयंत्रों को आपूर्ति अब पिछले छह महीनों की औसत खपत के लगभग 70-75 प्रतिशत पर स्थिर है। उपलब्ध भंडार और निर्धारित एलएनजी कार्गो आगमन को ध्यान में रखते हुए, उर्वरक संयंत्रों को उपलब्ध कुल गैस आपूर्ति 06.04.2026 से पिछले छह महीनों की औसत खपत के लगभग 90 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। इसके अतिरिक्त, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति सहित अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को गैस आपूर्ति में 06.04.2026 से 10 प्रतिशत की और वृद्धि की जाएगी।
  • भारत सरकार ने सीजीडी संस्थाओं को यह भी सलाह दी है कि वे अपने सभी भौगोलिक क्षेत्रों में रेस्तरां, होटल और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें ताकि वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता से संबंधित चिंताओं का समाधान किया जा सके।
  • आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल जैसी सीजीडी कंपनियों ने घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहन राशि की पेशकश की है।
  • भारत सरकार ने राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक आवेदनों की मंजूरी में तेजी लाने का अनुरोध किया है।
  • भारत सरकार ने दिनांक 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आबंटन देने की पेशकश की है, बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी में दीर्घकालिक परिवर्तन में सहयोग करें। पीएनजी विस्तार के सुधारात्मक उपायों के तहत 12 राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त आबंटन प्राप्त हो रहा है। इसके अतिरिक्त, एक केंद्र शासित प्रदेश से आवेदन प्राप्त हुआ है और उसकी जांच चल रही है।
  • पीएनजीआरबी ने अपने दिनांक 23.03.2026 के आदेश के माध्यम से सभी सीजीडी संस्थाओं को निर्देश दिया है कि वे जहां भी पाइपलाइन अवसंरचना आसपास के क्षेत्र में उपलब्ध है वहां आवासीय स्कूलों और कॉलेजों, छात्रावासों, सामुदायिक रसोई, आंगनवाड़ी रसोई आदि को पीएनजी के माध्यम से 5 दिनों के भीतर जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास करें।
  • सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने दिनांक 24.03.2026 के पत्र के माध्यम से कहा है कि उन्होंने 3 महीने के लिए एक विशेष उपाय के रूप में ‘‘कम समय सीमा में सीजीडी अवसंरचना के लिए त्वरित अनुमोदन ढांचा’’ अपनाया है जिसमें सीजीडी अवसंरचना से संबंधित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर संसाधित किया जाएगा।

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