नन्द किशोर जोशी
सभापति, राष्ट्रीय विचार मंच
तीसरी कड़ी
हमारा धर्म सनातन धर्म विश्व का प्राचीनतम धर्म है।हरि अनंत हरि कथा अनंता के अनुसार अनंत अनंत साल हुए सनातन धर्म को पुण्य भूमि भारत की धरा पर आये हुए।
आज से पांच हजार साल से भी ज्यादा हो गये हैं महाभारत युद्ध को समाप्त हुए।इसी महाभारत युद्ध के दौरान हमारे आराध्य भगवान कृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से संसार के समस्त लोगों को गीता ज्ञान रुपी संदेश दिया था।
कल विक्रम संवत २०८३ का शुभारंभ है,कल ही युगाब्द ५१२८ का भी शुभारंभ है।कल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है , नवरात्र प्रारंभ है,शुभ दिन प्रारंभ है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही ब्रह्मा जी द्वारा काल गणना आरंभ हुई थी।
इसके अलावा हमारे आराध्य देव भगवान श्री रामचंद्र जी का राज्याभिषेक, हिन्दू हृदय सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक, भारत में श्रेष्ठ देश प्रेमियों का संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है, इसके संस्थापक डोक्टर हेडगेवार साहब का जन्म दिवस भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि ही है।
अतएव अब आप समझ गए होंगे कि आने वाला दिन यानि हिन्दू नववर्ष हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है।मेरा यह मानना है कि हमारे लिए जितना दिवाली,होली , दुर्गा पूजा महत्वपूर्ण पर्व हैं,उतना ही महत्वपूर्ण पर्व हिन्दू नववर्ष है।
केवल पिछली अनेक सेकुलर सरकारों की उदासीनता, हिन्दू द्रोही सरकारों की मानसिकता के कारण हमारा गौरवशाली पर्व,दिवस हमलोग धूमधाम से नहीं मना पाए हैं।अब जागरूकता बढ़ी है ,सोसयल मीडिया, डिजिटल मीडिया का जमाना है,हम हिन्दुओं की सोच धीरे-धीरे ही सही प्राचीन भारतीय संस्कृति, गौरवशाली इतिहास की जानकारियां मिलने के कारण ,हम विश्व में आगे ही आगे बढ़ते जारहे हैं।
आज विश्व के कोने-कोने में हिन्दू अपनी क्षमता,गुण का लोहा मनवा रहे हैं।ऐसे में आयें सनातनी और सब मिलकर दिवाली जैसा ही हमारा प्रिय नववर्ष समारोह के साथ मनायें । आयें राष्ट्रीय विचार मंच रुपी देश प्रेमी संगठन संग हिन्दू नववर्ष समारोह मनायें।सभी कार्यक्रमों का हिस्सा बनें।
वंदे मातरम,भारत माता की जय

