पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालय संवाददाता सम्मेलन

भारत सरकार ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों से उत्पन्न स्थिति पर नवीनतम जानकारी देने के लिए चौथा अंतर-मंत्रालय संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया। इससे पहले 11, 12 और 13 मार्च 2026 को भी इसी प्रकार के संवाददाता सम्मेलन आयोजित किये गए थे। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवह और जलमार्ग मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन, क्षेत्र में भारतीय नागरिकों के कल्याण और संबंधित संचार उपायों पर नवीनतम जानकारी साझा की।

ईंधन की आपूर्ति और उपलब्धता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारी ने देश में ईंधन की आपूर्ति की स्थिति और वर्तमान भू-राजनीतिक घटनाक्रमों तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रबंधों के बारे में मीडिया को जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार:

कच्चा तेल/तेल शोधन

  • सभी तेल शोधन संयंत्र वर्तमान में उच्च क्षमता से काम कर रहे हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इसके अलावा, हमारा देश पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीजल के आयात की कोई आवश्यकता नहीं है।

खुदरा दुकानें

  • तेल विपणन कंपनियों द्वारा किसी भी परिचालन केंद्र (आरओ) में ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। सरकार ने जनता को घबराकर खरीदारी न करने का परामर्श दिया है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है।

प्राकृतिक गैस

  • प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली गई है, जिसमें पीएनजी को 100 प्रतिशत आपूर्ति और सीएनजी की आपूर्ति बिना किसी कटौती के जारी रहेगी। इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति 80 प्रतिशत तक नियंत्रित की जा रही है।
  • भारतीय गैस प्राधिकरण (गेल) ने देश के प्रमुख शहरी केंद्रों/शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद, चेन्नई, बैंगलोर, लखनऊ, कानपुर, जयपुर आदि में अधिकृत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की और उन्हें होटलों तथा रेस्तरां के लिए नए वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शनों को शीघ्रता से प्रदान करने और बढ़ावा देने की सलाह दी ताकि एलपीजी आपूर्ति पर दबाव कम हो सके।

रसोई गैस

  • मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए एलपीजी की आपूर्ति अभी चिंता का विषय है।
  • एलपीजी वितरकों में आपूर्ति बंद होने की कोई रिपोर्ट नहीं है ।
  • घबराहट में खरीदारी के चलते एलपीजी बुकिंग में भारी वृद्धि हुई है। दैनिक बुकिंग औसत 55.7 लाख से बढ़कर कल 88.8 लाख हो गई ।
  • उपभोक्ताओं के लिए व्यावसायिक सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर वितरण के लिए राज्य सरकार के पास उपलब्ध करा दिए गए हैं। 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में उपभोक्ताओं को व्यावसायिक एलपीजी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
  • सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग फिलहाल 84 प्रतिशत है।

राज्य सरकार द्वारा आयोजित बैठकें

  • पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की स्थिति की निगरानी में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।
  • हरियाणा और गोआ के मुख्यमंत्रियों ने राज्य में एलपीजी की मांग और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं।
  • तेलंगाना के मुख्य सचिव ने तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधियों और नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ एलपीजी भंडार की स्थिति, आपूर्ति और उपभोक्ताओं को वितरण की समीक्षा की।
  • तेल कंपनियों द्वारा आंध्र प्रदेश के नागरिक आपूर्ति आयुक्त के साथ भी बैठक आयोजित की गई और उन्हें एलपीजी, पीडीएस एसकेओ और वाणिज्यिक एलपीजी से संबंधित सभी घटनाक्रमों से अवगत कराया गया।
  • 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने स्थिति पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं और कई राज्य/केंद्र शासित प्रदेश संवाददाता सम्मेलन भी कर रहे हैं।

प्रवर्तन कार्रवाई

  • राज्य सरकारें/केंद्र शासित प्रदेश पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
  • महाराष्ट्र और राजस्थान में, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा तेल विपणन कंपनियों के संयुक्त निरीक्षण दलों ने कई स्थानों पर छापेमारी की। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (ओएमसी) ने कल एलपीजी वितरक इकाइयों में लगभग 1300 निरीक्षण भी किए।
  • उत्तर प्रदेश में प्रवर्तन दलों ने 1,483 स्थानों का निरीक्षण किया; 24 प्राथमिकी दर्ज की गईं (4 एलपीजी वितरकों के खिलाफ और 20 व्यक्तियों के खिलाफ), 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 19 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन शुरू किया गया।
  • एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए आंध्र प्रदेश (तिरुपति), बिहार, ओडिशा और कर्नाटक सहित कई राज्यों में छापेमारी भी की गई है।

  अन्य सरकारी उपाय

  • सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विशेष रूप से घरों और अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थानों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए घरेलू एलपीजी आपूर्ति को निर्बाध रूप से सुनिश्चित करना है। तेल शोधन कारखानों में एलपीजी उत्पादन में भी लगभग 31 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
  • सीएक्यूएम के 13.03.2026 के आदेश के अनुसार, एनसीआर में उद्योगों, होटलों और रेस्तरां को एक महीने के लिए प्राकृतिक गैस के स्थान पर बायोमास/आरडीएफ पेलेट्स का अस्थायी उपयोग करने की अनुमति दी गई है; जहां विकल्प उपलब्ध नहीं हैं, वहां कोयला या केरोसिन का उपयोग किया जा सकता है। युक्तिकरण उपायों में एलपीजी बुकिंग अंतराल को (शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक) बढ़ाना शामिल है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया गया है और आतिथ्य क्षेत्र में एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग किया जा रहा है।
  • सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को डिजिटल एलपीजी बुकिंग को बढ़ावा देने, घबराहट में बुकिंग को हतोत्साहित करने और डीलरों के अनावश्यक दौरे से बचने के लिए कहा गया है।

सार्वजनिक परामर्श –

  • नागरिकों को घबराने से बचने का परामर्श दिया जाता है। सरकार घरों और आवश्यक क्षेत्रों के लिए एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग आईवीआरएस कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप और तेल विपणन कंपनियों के मोबाइल एप्लिकेशन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से की जा सकती है। उपभोक्ताओं को घर बैठे ही सिलेंडर बुक करने और अनावश्यक रूप से एलपीजी वितरकों के पास जाने से बचने का परामर्श दिया जाता है।
  • नागरिकों से  एलपीजी एजेंसियों पर भीड़भाड़ से बचने के लिए घबराहट में बुकिंग ना करने और बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने का अनुरोध है।
  • उपभोक्ता जहां भी उपलब्ध हो, पीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधन का विकल्प चुन सकते हैं, और उन तेल विपणन कंपनियों पर भरोसा करने का अनुरोध है जो दशकों से विश्वसनीय रूप से एलपीजी की आपूर्ति कर रही हैं।
  • मीडिया से सही जानकारी प्रसारित करने और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने का अनुरोध है। तेल एवं मानव संसाधन मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की तेल विपणन कंपनियों के सोशल मीडिया पेजों पर विस्तृत अपडेट उपलब्ध हैं।

समुद्री सुरक्षा और पोत परिवहन संचालन

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा समुद्री परिस्थितियों और इस क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नाविकों तथा जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में मीडिया को जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा:

  • पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों से जुड़ी कोई नई समुद्री दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है। क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
  •  फारस की खाड़ी क्षेत्र (होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में) में कल तक मौजूद 24 जहाजों में से, भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी वाहक जहाज – शिवालिक और नंदा देवी – लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आज सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गए। इनके क्रमशः 16 और 17 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह और कांदला बंदरगाह पहुंचने का कार्यक्रम है।
  • वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज हैं जिनमें 611 नाविक सवार हैं। पोत परिवहन महानिदेशालय जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।
  • पिछले 24 घंटों में, पोत परिवहन महानिदेशालय के नियंत्रण कक्ष ने नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारकों से लगभग 312 कॉल और 460 ईमेल का जवाब दिया। पिछले 15 दिनों में, इसने 2,737 कॉल और 4,900 से अधिक ईमेल का जवाब दिया है।
  • पोत परिवहन महानिदेशालय की त्वरित प्रतिक्रिया टीम चौबीसों घंटे सातों दिन कार्यरत है और पोत परिवहन कंपनियों, दूतावासों, विदेश मंत्रालय और पी एंड आई क्लब के बीमाकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर रही है। लगभग 1,300 नाविकों और उनके परिवारों की चिंताओं का समाधान किया जा चुका है।
  • पिछले 24 घंटों में, खाड़ी क्षेत्र के हवाई अड्डों और क्षेत्रीय स्थानों से 30 नाविकों को स्वदेश वापस लाया गया है, जिससे स्वदेश वापसी करने वालों की कुल संख्या 253 हो गई है।
  • सरकार समुद्री व्यापार पर परिचालन संबंधी प्रभाव को कम करने के लिए बंदरगाहों, पोत परिवहन लाइनों और लॉजिस्टिक्स से जुड़े हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है।
  • बंदरगाहों को लंगरगाह, बर्थ किराया और भंडारण शुल्क में छूट जैसे राहत उपाय प्रदान करने का परामर्श दिया गया है। कुछ मामलों में पट्टे की अवधि भी बढ़ाई गई है, जिसमें कामराज बंदरगाह पर 25,000 मीट्रिक टन बैराइट्स कार्गो का पट्टा भी शामिल है।
  • ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख बंदरगाह एलपीजी जहाजों को प्राथमिकता दे रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में छह एलपीजी जहाजों को प्रमुख बंदरगाहों पर जगह मिली है।
  • बंदरगाह उन मालवाहक जहाजों के लिए सुरक्षित लंगरगाह क्षेत्र भी उपलब्ध करा रहे हैं जो खाड़ी की ओर जा रहे हैं और वर्तमान में वहां से गुजरने में असमर्थ हैं।
  • मंत्रालय भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों, पोत परिवहन कंपनियों और अन्य समुद्री हितधारकों के समन्वय से स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

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