पश्चिम एशिया की स्थिति: भारतीय विमानन कंपनियां 12 मार्च से और जगहों के लिए सेवाएं देंगी

नागर विमानन मंत्रालय पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे घटनाक्रमों और भारत और इस क्षेत्र के बीच हवाई यातायात पर इसके संभावित असर पर कड़ी नजर रख रही है। नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और सभी संबंधित हितधारकों के साथ सीधे संपर्क में हैं ताकि जल्दी और मिलकर जवाब प्रतिक्रिया दी जा सके। एयरलाइंस बदलती स्थिति के हिसाब से सही परिचालन इंतजाम कर रही हैं, जिसमें यात्रियों की सुरक्षा और सेवाएं जारी रखना सबसे जरूरी है।

9 मार्च 2026 के ऑपरेशनल डेटा से पता चलता है कि इंडियन कैरियर्स द्वारा ऑपरेट की गई 45 इनबाउंड फ़्लाइट्स वेस्ट एशिया से भारत आईं, जिनमें 7,407 यात्री थे।

भारतीय कैरियर्स ने भी यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और जरूरत पड़ने पर निकासी समर्थन सुनिश्चित करने के लिए परिचालन लचीलेपन की मांग की है। डीजीसीए ने अतिरिक्त आगमन और प्रस्थान के स्लॉट की सुविधा देने और दुबई, अबू धाबी, शारजाह, रस-अल-खैमाह, अल-एलन, फुजैराह, शारजाह, जेद्दा और मदीना जैसी जगहों के लिए उड़ानों के रास्ते में एक वैकल्पिक हवाई अड्डे के तौर पर मस्कट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के इस्तेमाल की इजाजत देने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वयन किया है।

एयरलाइंस की परिचालन योजनाएं बताती हैं कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस 12 मार्च 2026 से रियाद के लिए उड़ान परिचालित करेंगी, जबकि इंडिगो उसी तारीख से मुंबई-रियाद-मुंबई सेवा शुरू करेगी। स्पाइसजेट को इस इलाके में लगातार परिचालन सुरक्षा और लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक हवाई अड्डा मंजूरी लेने में मदद की गई है। अकासा एयर को सलाह दी गई है कि वह मुंबई-रियाद-मुंबई सेवा शुरू करने की अपनी योजना को मौजूदा परिचालन हालात के हिसाब से करे, जो 12 मार्च 2026 से शुरू होने वाली है।

मंत्रालय एयरलाइंस और दूसरे संबंधित हितधारकों के साथ नियमित समन्वय बनाए हुए है ताकि यात्रियों का आना-जाना सही तरीके से होता रहे। हवाई किराए पर भी करीब से नजर रखी जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि टिकट की कीमतें सही रहें और इस दौरान कीमतों में कोई बेवजह उछाल न आए।

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे उड़ान की टाइमिंग और यात्रा के इंतजाम के बारे में हालिया अपडेट के लिए अपनी-अपनी एयरलाइंस के संपर्क में रहें। मंत्रालय स्थिति की समीक्षा करता रहेगा और जरूरत पड़ने पर और जानकारी देगी।

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