नागर विमानन मंत्रालय मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में एयरस्पेस की बदलती स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय उड़ान संचालन पर इसके असर पर करीब से नजर रख रही है।
भारतीय विमानन कंपनियों ने अपने शेड्यूल में थोड़ा बदलाव किया है, जिसमें लंबी दूरी और बहुत लंबी दूरी के परिचालन धीरे-धीरे दूसरे रास्तों से फिर से शुरू किए जा रहे हैं, जिससे प्रतिबंधित एयरस्पेस से बचा जा सके। परिचालन स्थिरता को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए एयरक्राफ्ट और क्रू की जगह बदलने के उपाय किए जा रहे हैं।
फंसे हुए यात्रियों के आने-जाने को आसान बनाने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। एयरलाइंस जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त क्षमता लगा रही हैं और यात्रियों की सुरक्षित और सही तरीके से आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विदेशी विमानन प्राधिकरणों और विदेश में भारतीय मिशन के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
इंडिगो ने फंसे हुए यात्रियों को वापस लाने के लिए 3 मार्च, 2026 को जेद्दा से भारत के लिए 10 विशेष राहत परिचालनों की योजना बनाई है, जो जरूरी मंजूरी और मौजूदा एयरस्पेस की स्थितियों पर निर्भर करेगा। इंडिगो यात्रियों की सुविधा के लिए जेद्दा में भारत के महावाणिज्य दूतावास के साथ समन्वय कर रहा है।
भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच चलने वाली विदेशी एयरलाइन भी परिचालन और एयरस्पेस की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सीमित परिचालन कर रही हैं।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। सभी एयरलाइनों को यात्रियों के साथ पारदर्शी संवाद बनाए रखने और रिफंड, रीशेड्यूलिंग और यात्री सहायता से जुड़ी नियामकीय जरूरतों का पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई अड्डे जाने से पहले अपनी-अपनी एयरलाइन से उड़ान की ताजा स्थिति सीधे चेक कर लें और अपडेट के लिए सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
आज नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की गई, जिसमें नागर विमानन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा और सभी वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मंत्रालय सुरक्षित परिचालन, सेवाओं की ठीक से बहाली और प्रभावित यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन, एयरपोर्ट ऑपरेटर, नियामकीय प्राधिकरणों और विदेश मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय में है।
जरूरत पड़ने पर आगे अपडेट जारी किए जाएंगे।

