कटक, ऐतिहासिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, प्राचीन नगरी कटक में आज एक और नया आध्यात्मिक, धार्मिक इतिहास लिखा गया है।एक नया बेजोड़ पुण्य का कार्य समाज के होनहार बच्चों की धार्मिक संस्था आप और हम ने अपने सुकर्मों से रचा है।
आज फाल्गुन एकादशी,द्वादशी महोत्सव के उपलक्ष्य में स्थानीय श्रीश्याम बाबा मंदिर में भव्य,मनोरम, मनमोहक साज सजावट देखने को मिली।
मंदिर के मुख्य द्वार से अंदर तक की सारी सजावट का अनोखा, अनुपम कार्य धार्मिक संगठन आप और हम के द्वारा किया गया है। कोलकाता से विशेष फूलों की सजावट के कारीगरों की टीम को बुलाया गया। दिन -रात मेहनत करके कारीगरों ने फूलों की अद्भुत , आकर्षक,अति सुंदर सजावट की।
मुख्य द्वार से ही ऐसा प्रतीत होता है कि खाटू नरेश श्याम प्रभु अब कटक नरेश बनकर धार्मिक नगरी कटक में विराजमान होगये हैं।जो भक्त फाल्गुन महीने में खाटू नहीं जा सके , श्याम बाबा स्वयं उनको दर्शन देने के लिए, आशीर्वाद देने के लिए कटक श्याम बाबा मंदिर में विराजमान होगये हैं।
फूलों की होली कार्यक्रम में अनुठी , अनुपम, बेमिसाल, सफलता से परिपूर्ण सुव्यवस्था आज के पहले कभी देखने को नहीं मिली। आशा है श्रीश्याम बाबा भक्तों के सुप्रयास से आने वाले दिनों में और भी चमत्कारी व्यवस्था बाबा के आशीर्वाद से देखने को मिल सकती है।
खाटू नरेश के दरबार में अतीत में जिन भक्तों ने हाजिरी लगाई है,वे सारे भक्त गण एकबार तो भ्रम में पड़ गए कि क्या हम सचमुच में खाटू नरेश श्याम के दरबार में पहुंच गए हैं।
इस अद्भुत, आकर्षक, मनमोहक सुकार्य के लिए आप और हम की पूरी टिम को बहुत बहुत धन्यवाद, साधुवाद। विशेष धन्यवाद के पात्र हैं उनकी कर्मठ टिम के लिडर अमित अग्रवाल।
उल्लेखनीय है कि कोलकाता से 20 फूलों के योग्य कारीगर पिछले 20 दिनों से श्री श्याम बाबा मंदिर में फूलों की सजावट को लेकर सक्रिय दिखे। उपरोक्त सारे कार्यक्रम में श्रीश्याम बाबा मंदिर चेरिटेबल ट्रस्ट का पूर्ण सहयोग रहा।

