१९६९ में कांग्रेस पार्टी का विभाजन राष्ट्रपति चुनाव के समय हो गया कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी केसामने प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने भी भी गिरी को खड़ा कर दिया यही से कांग्रेस का विभाजन सिंडिकेट इंडीकेट केरूप में हो गया रूस इस लड़ाई मेकूद गया कम्युनिस्ट पार्टी सीपीएम ने इंदिरा गांधी के उम्मीदवार का समर्थन किया कांग्रेस जगजीवन राम कम्युनिस्ट के सामने कांग्रेस निजलिंगप्पा स्वतंत्र पार्टी जनसंघ के सांसद सदस्योंऔर। विधायकों की संख्या इतनी अधिक थी संजीव रेड्डी का जीतना त य था परजनसंघ में मास्को समर्थक अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने सदस्यों को बहुत देर से ख़बर दी किसे वोट देना है उनतक जानबूझकर देर से ख़बर पहुंचाई गई ताकि वे कंफ्यूज रहे और वोट नहीं कर सके ही जनसंघ का वोट बेकार चला गया औ श्री गिरी जीत गए रूस रूस ने भारत की राजनीति में अपना प्रभुत्व बढ़ा लिया अब रूस ने कम्युनिस्ट पार्टी केसदस्यो यथा चंद्रजीत यादव मोहन कुमारमंगलम देवीप्रसाद चटर्जी नुरुल हसन नंदिनी सत्पथी आदि को मंत्री बनवाया पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री कामरेड सिद्धार्थ शंकर रॉय इंदिरा गांधी कआई चुनाव वाला केस इलाहाबाद हाईकोर्ट मेंलड़ रहे थे उन्होंने इस केस को ऐसे ल डा की इंदिरा जी हार जाए इंदिरा जी की कहकर शंकर राय ने देश में इमरजेंसी लगाने का सुझाव दिया तथा अपने शिष्य फ़ख़ रुद्दीन अली अहमद को अनुमोदन करने फ़ोन कर दिया इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष देवकांत बरुआ व सिद्धार्थ शंकर रॉय इंदिरा गांधी के पहुँचे देवकान्त बरुवा नेकहा मैडम एक बात हैआपको प्रधानमंत्री का पद कुछ समय के लिए छोड़ना होगा इलाहाबाद कोर्ट निर्णय के बाद आप प्रधानमंत्री के पद पर नहीं रह सकती थोड़े दिन की बात है आप सिद्धार्थ शंकर राय को प्रधानमंत्री बना दीजिए मैं कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने तैयार हूँ आप कांग्रेस अध्यक्ष बन जाइए फिर कुछ समय बाद सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आते ही आप वापस प्रधान मंत्री बन जाएगी इंदिरा जी ने कहा क्या आज ही छोड़ना होगा नहींउन लोगो ने कहा कुछ दिन समय है तब इंदिराजी ने कहा आप कल आइए मैं बता दूँगी फिर घर में बात की दूसरे दिन वे आयेउनसे इंदिरा जी ने कहा मैं पदत्याग करने तैयार हूँ पर कमला पति त्रिपाठी अगले प्रधानमंत्री बनेगे इतना सुनते ही सिद्धार्थ शंकर रॉयके सदमे में आ गए कहा नहीं मैडम मैंने अध्ययन किया आपको पदत्याग करने की जरूरतें नहीं श्रीमती इंदिरा गांधी रूस का खेल समझ गई पहले मेरे को कोर्ट में हराया फिर इमरजेंसी लगाई फिर कुर्सी दखल इंदिरा गांधी ने तब अपने बेटे संजय गांधी को राजनीति में उताराकम्युनिस्टों से कांग्रेस को मुक्त करने की प्र क्रिया शुरू की इंद्र कुमार गुजराल को सूचना प्रसारण मंत्री को हटाया विद्या चरण शुक्ला को सूचना प्रसारण मंत्री बनाया नंदनी सत्पथी को उड़ीसा के मुख्य मंत्री पद से हटाया.

