हमारे देश की स्वतंत्रता का झूठा इतिहास लिखवाया गया मैंने एक वर्ष पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सोनिया गांधी राहुल गांधी को एक पुस्तक लिख कर चुनौती दी इस देश को सुभाष सावरकर ने आजाद किया गांधी ने नहीं आज तकवे सामने नहीं आए यह प्रमाण करने गांधी ने आजादी दी क्या प्रमाण है ये यही चिल्लाते है हमने गांधी के दिखाए अहिंसा के मार्ग पर चल कर स्वाधीनता प्राप्त की ,जबकि सच्चाई यह है हमने हिंसा के मार्ग पर चलते हुवे स्वाधीनता प्राप्त की लोकमान्य तिलक लाला लाजपत रॉय ने १९०६ में बंगाल के विभाजन के बिरुद्ध क्रांति कारी आंदोलन किया अंग्रेज़ सरकार घबड़ा उठी उसने बंगाल विभाजन वापस लिया अपनी राजधानी को कलकत्ता में सुरक्षित नहीं समझा उसे दिल्ली ले गए खुदी राम बोस ने लंदन से मिले रूस से आये बॉम्ब मैन्युअल से बम बना कर मुजफ्फरपुर में बम मारा व फाँसी के फंदे पर यह कहते हुये झूल गएएक बार बिदा देवो माँ फिरआऊँगा खुदीराम बोस की अन्याय पूर्ण फ़ाँसी प्रतिवाद में।
लोकमान्य तिलक ने सम्पादकीय लिखा अंग्रेजों ने उन्हें ६ वर्ष का कठिन बर्मा की मंडला जेल में कारावास दिया व बीमार करमार डाला तिलक सावरकर ने अंग्रेजी कपड़ो की पूना में होली जला कर स्वदेशी आंदोलन की शुरुवात की तिलक जी के प्रयास से सावरकर श्याम जी कृष्ण वर्मा द्वारा दी जाने वाली शिवाजी छात्र वृत्ति पाकर इंग्लैंड क़ानून की पढाई पढ़ने गए वहाअभिनव भारत का काम आगे बढ़ाया। क्रांति कारी पैदा किए अमर शहीद मदन लाल ढींगरा ने कर्जन वायली का वध किया वी फाँसी के फंदे पर झूल गए सावरकर ने ब्रिटिश सरकार की नाक में दाम कर दिया पूरी दुनिया में उसकी बदनामी हो रही है उसी की धरती पर। भारतीय छात्र लड़ाई लड़ रहे है स्टुवर्ड में मैडम कामा भारत का झंडा उड़ा रही है सावरकर १९५७ को भारत का प्रथम स्वाधीनता संग्राम प्रमाणित करने में सफल रहे अंग्रेजी राज के लिए सावरकर बहुत खतरनाक व्यक्ति है यह अंग्रेजी राज को उखाड़ देगा इस लिए अंग्रेजों ने उन्हें। दो दो जीवन का कारावास यानी ५० वर्ष मी सजा दी ताकि सावरकर जेल में ही सड़कर मर जाए लाला लाजपतरॉय नेभगतसिंह को राजनीति में जन्म दिया वीर सावरकर को जमना दास मेहता के ब्रिटिश सरकार को मजबूर कर देने पर यदि वीर सावरकर पर राजनीति में भाग लेने पर प्रतिबंध न हटा व उसे मुक्त नहीं किया गया तो मैं महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री की शपथ नहीं लूंगा तब वीर सावरकर पर लगा प्रतिबंध हटा व वे राजनीति में सक्रिय हुवे सुभाषचन्द्रबोस ने उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव दिया वीर सावरकर ने यह क़हकर दिया यह तिलक वाली कांग्रेस नहीं यह मुस्लिम सांप्रदायिक शक्तियों के सामने झुकी कांग्रेस है मुस्लिम लीग की चुनौती के सामनेमदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित हिंदू महा सभा का अध्यक्ष बने हिन्दुओं को संगठित किया देश कोअंग्रेजी राज से मुक्त करने हिन्दुवो का सैनिकी करण अभियान चलाया हिंदुस्तान की अंग्रेजी सेना २ लाख सैनिकों की थी जिसमे मुसलमान सैनिक ६६ प्रतिशत थे हिन्दू मात्र ३३ प्रतिशत थे सावसरकार को यह अखरता था उन्होंने हिन्दुवों के सैनिकी करण कार्यक्रम हिन्दू महा सभा में लिया व मुस्लिम लीग की चुनौती का सामना करने के लिए राजनीति का हिंदू करण कार्य क्रम दिया खिलाफत आंदोलन के समय बहुतसे मुसलमान सैनिक अफ़ग़ान सैनिकों से मिल गए इसलिए मुसलमानों पर अंग्रेनों का बिस्वास नहीं रहा अंग्रेज वाईस रॉय ने हिंदू।
महासभा के अध्यक्ष वीर सावरकर जी से संपर्क किया द्वितीय बिस्व युद्ध में उन्हें भारतीय सैनिकोंकी आवश्यकता थी वे अपनीभारत की सेना २ लाख से बढ़ा कर १० लाख करना चाहते थे वीर सावरकर जी ने उन्हें सहयोग का आश्वासन इस बात के साथ दिया हम देश की सुरक्षा केसाथलोगो को आधुनिक शस्त्रबिद्या में उन्हें प्रशिक्षित करना चाहते है आपने हमसे अस्त्र शस्त्र छीन लिए एक चाकू रखने के लिए हमे लाइसेंस लेना पड़ता है उन्होंने हिंदू महासभा की सारी शाखावों में हिंदुत्युवको के लिए कैम्प लगाए जहाब्रिटिश सेना अधिकारी भी रहते थे उनका हिंदू युवकों को एक ही संदेश था पहले आधुनिक अस्त्र चलाना सीख लो समय आने पर तुम स्वयं समझ जाओगे। बंदूक की नाल किधर घुमानी है। इस तरह वीर सावरकर ने देश भक्त हिंदू जवानो को अंग्रेज़ी की सेना में भर्ती करवा दिया। वीर सावरकर को हिंदुओं की सैनिकीकरण अभियान में भारत और विश्व के जितने क्रांतिकारी थे उनका सहयोग मिला। अनुशीलन समिति के क्रांतिकारी डॉक्टर हेडगेवार वे भी वीर सावरकर के अध्यक्ष बनने पर हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष बन गए। राष्ट्रीय सेवक संघ का सहयोग हिंदुओं के सैनिकीकरण अभियान में लगा दिया। क्रांतिकारी रास बिहारी बोस जो जापान में निर्वासित जीवन बिता रहे थे वे जापान हिंदू महासभा के अध्यक्ष बने। वीर सावरकर के सिद्धांत शत्रु का शत्रु हमारा मित्र होता हैं उन्होंने भारत को स्वाधीन करने के लिए ब्रिटिश बिरोधी जापान सरकार का समर्थन मांगा।
जापान सरकार के समर्थन से जापान की क़ैद में रह रहे ५००० भारतीय सैनिकों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया।कांग्रेस में गांधी सुभास बोस के सामने बुरी तरह पराजित हो जाने के बाद गांधी ने षडयंत्र करके कांग्रेस अध्यक्ष के कांग्रेस कार्य कारिणी समिति के गठन का अधिकार अपने हाथ में लिया व गठन नहीं किया बिना कांग्रेस कार्य कारिणी समिति के सुभाष बोस कार्य नहीं कर सकते थे मजबूर होकर कांग्रेस अध्यक्ष पद से पद त्याग किया सुभाष बोस अगले साल मजबूती से गांधी को हरा कांग्रेस मसीन अपने हाथ में लेते उनको कांग्रेस से ६ वर्ष के लिए निकाल दियाओर उनसे कहा तुम हार कर मेरे रास्ते पर आओगे सुभाष बोस गांधी की आशा के विपरीत वीर सावरकर के पासचले गए वीर सावरकर के।निर्देश पर जर्मनी होते हुए जापान पहुंचे व जापान हिंदू महासभा के अध्यक्ष रासबिहारी बोस से भारतीय राष्ट्रीय सेना की कमान संभाली सावरकर जी के उद्देश्य भारतीय सेना में भर्ती सैनिक ४५००० की संख्या में भारतीय राष्ट्रीय सेना में सामिल हो गए भारत के सैनिक विद्रोह करने लगे १८ फ़रवरी १९४६ को। नौ सेना का। विद्रोह अंग्रेजों को देश को स्वाधीन करने मजबूर कर दिया इंडिया इंडिपेंडेंस एक्ट पर बहस में ब्रिटेन के प्रधान मंत्री येटली ने कहा हम अपनी दो सैनिक कमजोरियों के चलतेभारत को स्वाधीन कर रहे है हमारी सेना हमारे प्रति वफादार नहीं रही व हमारे पास वह ताकत नहीं उसको नियंत्रण में ले।

