जहाँ श्रद्धा को मिला विज्ञान का प्रमाण : देशी गाय और तीर्थस्थलों की सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव
जोधपुर : माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेशन 2026 के अंतर्गत आयोजित भव्य प्रदर्शनी में महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत आध्यात्मिक शोध और अनुसंधान ने उपस्थित प्रतिनिधियों एवं भाविकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। विश्वविद्यालय ने अध्यात्म और विज्ञान के समन्वय को दर्शाते हुए चलचित्र, टीवी प्रसारण तथा आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों की सहायता से अपने वैज्ञानिक शोध निष्कर्षों को प्रभावशाली एवं प्रयोगात्मक ढंग से जनता के समक्ष प्रस्तुत किया।
इस प्रदर्शनी की विशेषता यह रही कि भारतीय देशी गाय, अयोध्या के श्रीराम मंदिर तथा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से संबंधित आध्यात्मिक ऊर्जा को केवल वैचारिक रूप में नहीं, बल्कि वैज्ञानिक उपकरणों के माध्यम से मापकर एवं प्रदर्शित कर लोगों के सामने रखा गया। भारतीय देशी गाय की अन्य पशुओं की तुलना में अधिक सकारात्मक और सात्त्विक ऊर्जा, श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के समय वातावरण में आए व्यापक सकारात्मक परिवर्तन तथा महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में विद्यमान उच्च ऊर्जा स्तर से दर्शनार्थियों को होने वाले मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक लाभ—इन सभी पहलुओं को वैज्ञानिक परीक्षणों एवं मापन यंत्रों के आधार पर समझाया गया। यह अभिनव प्रयोग अध्यात्म के अनुभव को प्रत्यक्ष प्रमाणों से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास रहा।
महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की जोधपुर प्रतिनिधि डॉ. स्वाति मोदी ने इन शोधों, उनके निष्कर्षों तथा वैज्ञानिक पद्धतियों की विस्तृत जानकारी उपस्थितजनों को दी। उनके मार्गदर्शन में प्रदर्शनी स्थल पर अध्यात्म, सनातन धर्म और आधुनिक विज्ञान के बीच के गहन संबंधों पर गंभीर और सार्थक चर्चा हुई, जिससे अनेक आगंतुक अत्यंत प्रभावित हुए।
इस अवसर पर माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेशन के सभापति संदीप काबरा, विष्णु बियानी सहित अनेक मान्यवर एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे सनातन संस्कृति की वैज्ञानिक समझ को जनमानस तक पहुँचाने वाला प्रेरणादायी उपक्रम बताया।

