कटक, ओडिशा सुरक्षा सेना के प्रमुख अभिषेक जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी एवं इसमें भागीदारी न करने की मांग की है।
अभिषेक जोशी ने अपने पत्र में कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स ब्रिटिश उपनिवेशवाद के इतिहास से जुड़े हैं और इन खेलों का आयोजन भारत के स्वतंत्रता व संप्रभुता के आदर्शों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि हालाँकि स्वतंत्रता के बाद भारत ने इन खेलों में हिस्सा लिया और 2010 में इनकी मेज़बानी भी की, लेकिन अब समय आ गया है कि भारत को इस तरह के उपनिवेशवादी प्रतीकों से दूरी बनानी चाहिए।
पत्र में श्री जोशी ने कहा, “कॉमनवेल्थ गेम्स की नींव ब्रिटिश साम्राज्य की विरासत में है, जो भारत सहित दुनियाभर के कई देशों पर विदेशी शासन की याद दिलाते हैं। ऐसी प्रतियोगिताएं हमारे औपनिवेशिक इतिहास की स्मृति को ताजा करती हैं, जो स्वतंत्र भारत की गरिमा के अनुकूल नहीं है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि भारत को किसी भी परिस्थिति में कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी नहीं करनी चाहिए तथा भारतीय खिलाड़ियों को भी भविष्य में इनमें भाग नहीं लेना चाहिए।
श्री जोशी ने सुझाव दिया कि भारत को ओलंपिक और एशियाई खेल जैसे मंचों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जो वैश्विक सहयोग व विविधता के प्रतीक हैं।
अंत में अभिषेक जोशी ने लिखा, “आइए, हम अपने आने वाली पीढ़ियों को अपनी स्वतंत्रता और स्वाभिमान का संदेश दें, न कि औपनिवेशिक अतीत की याद दिलाएं।”

