जय शंभू, आप समस्त बंधुओं को बताते हुए बड़ी ही प्रसन्नता हो रही है कि
आप और हम परिवार द्वारा सामूहिक रूप से महारुद्राभिषेक का आयोजन प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन के पवित्र महीने में दि. 20 July, 2025 (रविवार) को सुबह 11 बजे से स्थानीय तुलसीपुर स्थित जे.बी.एस. गार्डन में करवाया जा रहा है। आप सभी इस महायज्ञ में सादर आमंत्रित हैं।
सामूहिक महारुद्राभिषेक के आयोजन में आपश्री सपरिवार सम्मिलित होकर पूजन का लाभ उठा सकते हैं। महारुद्राभिषेक में सम्मिलित प्रत्येक परिवार के लिए पूजन करवाने हेतु एक पंडित की व्यवस्था की गई है। जिससे पूरे विधि विधान के साथ पूजन के कार्यक्रम को सुव्यवस्थित करवाया जाएगा।
श्री जयचंद्र जी झा के नेतृत्व में बनारस एवं कोलकाता से पूजन करवाने हेतु सारे पंडित विद्वान पधार रहे हैं .
महारुद्राभिषेक में सम्मिलित प्रत्येक परिवार के लिए पूजा सामग्री, फल, फूल, मिठाई, चाँदी का बेलपत्र, अभिषेक के लिए दूध, दही, गन्ना का जूस, डाब पानी, गंगा जी से लायी हुई मिट्टी की मूर्ति, शिव परिवार, कलश एवं वेदी आदि की अन्यान्य समस्त सामग्री समिति द्वारा व्यवस्थित करवाई जायेंगी।
पूजन के कार्यक्रम में प्रत्येक पूजन वेदी के पंडितजी की दक्षिणा, उनके कपड़े एवं पूजन में लगने वाले रुपए समिति के तरफ़ से उपलब्ध करवाए जाएंगे।
विशेष : चुनरी, गंठजोड़ा, टोपी आपको स्वयं अपने घर से लेकर आने हैं।
अगर कोई दंपत्ति पूरे दिन महारुद्राभिषेक में बैठ नहीं सकते हैं तो उनके परिवार, सगे संबंधी एवं बंधुगण पूजन में बैठकर पूजन संपन्न करवा सकते हैं
समिति के सदस्य के अलावा आप भी सपरिवार इस आयोजन में सम्मिलित होना चाहते हैं तो हो सकते हैं। कटक के आसपास के अंचल से भी भक्तगण इस महायज्ञ में हिस्सा ले रहे हैं।
अधिक जानकारी हेतु संपर्क सूत्र-
अमित अग्रवाल (m) : 9861056000
बिजय भरालावाला (m) : 7008715051
विवेक मोड़ा (m) : 9437277964
गौरतलब है कि ऐतिहासिक कटक नगरी में अनेकों साल से सामाजिक, धार्मिक संगठन आप और हम काफी सक्रिय रहा है।इस आप और हम सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश धार्मिक कार्यों के प्रति काफी बड़ी मात्रा में दिखाई देता है।
विगत कुछ वर्षों से भोले बाबा के पवित्र श्रावण मास में कटक महानगर में आप और हम युवा संगठन ने महारुद्राभिषेक का बीड़ा उठाया है।इनके सुप्रयास से सावन महीने में भगवान शिव की असीम कृपा कटक के सभी भक्तों पर पड़ती रही है।

