शिवकालीन दुर्लभ शस्त्र प्रदर्शन के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम का सजीव दर्शन

फोंडा, गोवा : सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेनगरी, फोंडा (गोवा) में आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में छत्रपति शिवाजी महाराज और धर्मवीर संभाजी महाराज के पराक्रम व बलिदान की प्रेरणादायक गाथा को उजागर करने वाली शिवकालीन दुर्लभ शस्त्रों की भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस 6000 वर्गफुट क्षेत्र में प्रदर्शित किए ऐतिहासिक शस्त्रों ने हजारों श्रद्धालुओं को मुग्ध किया।

प्रदर्शनी में गोवा के सौंदेकर घराने, कोल्हापुर के सव्यासाची गुरुकुलम् और पुणे के शिवाई संस्थान द्वारा संरक्षित शस्त्रों को दर्शाया गया। विशेष आकर्षण के रूप में सरदार येसाजी कंक की तलवार, सरदार कान्होजी जेधे का चिलख़त और औरंगज़ेब द्वारा छत्रपति संभाजी महाराज को बाँधने के लिए प्रयोग किए गए मूल शृंखला पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई, जिसे शिवले परिवार ने पीढ़ियों तक संभाल कर रखा है।

इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित रखने के लिए शिवले परिवार के वंशजों – सागर शिवले, कुमार शिवले, सोमनाथ शिवले, दीपक टाकळकर और वेदांत शिवले का हिंदू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळ द्वारा सत्कार किया गया। कुमार शिवले ने कहा: “हम चाहते हैं कि राजाओं के बलिदान से प्रेरणा लेकर हर कोई धर्मकार्य में भाग ले।”

प्रदर्शनी में अंकुश, सिकल, पुरबा, तलवारें, बंदूकें, ढालें, जांबिया, तोपें, भाले, त्रिशूल, शिरस्त्राण, चिलख़त आदि जैसे शिवकालीन युद्ध में उपयोग किए गए दुर्लभ शस्त्र, तथा शिवाजी महाराज के सरदारों की चित्र सहित जानकारी भी दी गई। ३०,००० से अधिक श्रद्धालु नागरिकों, संतों, महंतों और आध्यात्मिक मार्गदर्शकों की उपस्थिति में सम्पन्न यह आयोजन इतिहास और राष्ट्रभक्ति का एक प्रेरणास्रोत बन गया।

 

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